IND A vs SL A Super Over: पहले टाई, फिर अंपायर्स से बहस और अंत में हार; श्रीलंका के खिलाफ सुपर ओवर में टूटी भारत की सांसें
मुख्य मुकाबला: 265 रनों पर दोनों टीमें हुईं ऑलआउट, मैच हुआ टाई
इस हाई-वोल्टेज मैच में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी। पूरे 50 ओवर्स खेलने के बाद इंडिया-ए ने 9 विकेट के नुकसान पर 265 रनों का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
जवाब में 266 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की टीम ने भी गजब का जज्बा दिखाया। भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी ओवर्स में शिकंजा कसा और श्रीलंका की पूरी टीम को 49.2 ओवर्स में 265 रनों पर ही ढेर कर दिया। दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहने के कारण मैच आधिकारिक तौर पर टाई घोषित हो गया।
अंपायर्स का इनकार और कप्तान तिलक वर्मा की जिद
मैच टाई होने के बाद मैदान पर असली ड्रामा शुरू हुआ। शाम ढलने के कारण मैदान पर रोशनी काफी कम (Low Light) हो चुकी थी। अंपायर्स ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सुपर ओवर कराने से साफ मना कर दिया था।
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कप्तान तिलक वर्मा का दांव: भारतीय टीम के कप्तान तिलक वर्मा मैच को इस मोड़ पर छोड़ने के मूड में बिल्कुल नहीं थे। वे लगातार अंपायर्स से सुपर ओवर कराने की मांग और बहस करते रहे।
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अंपायर्स ने बदला फैसला: काफी देर तक चली बातचीत के बाद अंपायर्स ने श्रीलंका के कप्तान से भी राय मशविरा किया। जब दोनों टीमों के कप्तान कम रोशनी में भी खेलने को राजी हो गए, तब जाकर ऐतिहासिक सुपर ओवर का रास्ता साफ हुआ।
सुपर ओवर का पूरा रोमांच: अरशद खान की कड़क गेंदबाजी
सुपर ओवर में श्रीलंका-ए की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी। कप्तान तिलक वर्मा ने गेंद अपने भरोसेमंद गेंदबाज अरशद खान के हाथों में सौंपी। अरशद ने अपनी घातक और सटीक यॉर्कर गेंदों के दम पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों को बांध कर रखा। श्रीलंका की टीम इस ओवर में केवल 16 रन ही बना सकी (नोट: पाठ्य विवरण के अनुसार श्रीलंका ने कुल 16 रन बनाए, जिससे भारत को 17 रनों का लक्ष्य मिला)। भारत को मैच जीतने के लिए 6 गेंदों में 17 रनों की दरकार थी।
गेंद दर गेंद रोमांच: आखिरी पलों में चूके वैभव सूर्यवंशी
भारत की तरफ से इस मुश्किल लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे क्रीज पर उतरे।
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पहली गेंद: सूर्यांश शेडगे ने सूझबूझ से खेलते हुए 2 रन चुराए। (भारत: 2/0)
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दूसरी गेंद: श्रीलंकाई गेंदबाज ने सटीक लाइन पर गेंद डाली, सूर्यांश कोई रन नहीं बना सके। (भारत: 2/0)
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तीसरी गेंद: सूर्यांश ने सिंगल लेकर स्ट्राइक वैभव सूर्यवंशी को सौंपी। (भारत: 3/0)
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चौथी गेंद: स्ट्राइक पर आए वैभव ने बेहतरीन शॉट खेलकर 2 रन बटोरे। (भारत: 5/0)
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पांचवीं गेंद: अब भारत को आखिरी 2 गेंदों पर 12 रनों (दो छक्कों) की सख्त जरूरत थी। वैभव स्ट्राइक पर थे, लेकिन वे छक्का लगाने से चूक गए और गेंद पर केवल चौका ही मिल सका। (भारत: 9/0)
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छठी गेंद: आखिरी गेंद पर जीत के लिए 8 रनों की जरूरत थी, जो व्यावहारिक रूप से नामुमकिन था। वैभव इस गेंद पर केवल 1 रन ही बना सके।
इसके साथ ही इंडिया-ए की टीम सुपर ओवर में केवल 10 रन ही बना पाई और श्रीलंका-ए ने इस सांसे रोक देने वाले मुकाबले को अपने नाम कर लिया। लगातार दो करीबी मैचों में मिली हार के बाद अब ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अपने आगामी मैचों में हर हाल में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।
