India vs South Africa 2nd Test: टीम इंडिया के लगातार प्रयोग फिर बने चिंता का कारण, ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी पोजिशन पर सवाल
ऋषभ पंत की कप्तानी और जुरेल को मौका—लेकिन प्रयोग भारी पड़ रहे हैं
गुवाहाटी टेस्ट में भारत ने ऋषभ पंत को कप्तान के साथ-साथ विकेटकीपर की जिम्मेदारी भी दी है। वहीं, ध्रुव जुरेल को एक अतिरिक्त बल्लेबाज के रूप में प्लेइंग XI में शामिल किया गया है।दिलचस्प बात यह है कि कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में जुरेल को नंबर 7 पर उतारा गया था, जहाँ उन्होंने 14 गेंद पर 14 रन बनाए। लेकिन दूसरी पारी में अचानक उन्हें नंबर 4 पर भेज दिया गया, जहाँ वे 34 गेंद में सिर्फ 13 रन बनाकर आउट हो गए।
गुवाहाटी में फिर दोहराई गलती—नंबर चार पर उतरे जुरेल, खाता भी नहीं खोल पाए
गुवाहाटी टेस्ट में भी टीम मैनेजमेंट ने वही फैसला दोहराया। जुरेल को फिर नंबर 4 बैटिंग के लिए भेजा गया, जबकि इस पोजिशन पर वे न ही सहज दिखे और न ही सफल रहे।इस बार तो वे 11 गेंद खेलकर शून्य पर आउट हो गए। हैरानी की बात यह है कि ध्रुव जुरेल ने इससे पहले अपने प्रथम श्रेणी करियर में कभी भी नंबर चार पर बल्लेबाजी नहीं की है, इसके बावजूद टीम उन्हें लगातार टॉप ऑर्डर में खिला रही है।
ध्रुव जुरेल का करियर—नीचे के क्रम में बेहतर प्रदर्शन
अब तक ध्रुव जुरेल ने भारत के लिए 8 टेस्ट की 13 पारियों में 457 रन बनाए हैं। उनके नाम एक शतक और एक अर्धशतक दर्ज है—दोनों ही निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए आए हैं।हाल ही में दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के खिलाफ उन्होंने दोनों पारियों में शतक जमाया था, लेकिन तब भी वे लोअर मिडल ऑर्डर में उतरे थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जुरेल नीचे के क्रम में सफल और प्रभावी रहे हैं, तो उन्हें लगातार टॉप-4 में क्यों भेजा जा रहा है?
आगे क्या? टीम को वापस सोचना होगा बैटिंग कॉम्बिनेशन
टीम इंडिया मैनेजमेंट का यह प्रयोग अब टीम की परेशानी बढ़ाता दिख रहा है। जुरेल की क्षमता निचले क्रम में कहीं अधिक दिखती है, लेकिन उन्हें लगातार ऊपर भेजना न केवल उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि टीम के लिए भी मुश्किल पैदा कर रहा है। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत उन्हें फिर नंबर चार पर उतारता है, या फिर उनकी स्वाभाविक पोजिशन पर वापस भेजकर बेहतर प्रदर्शन करवाने का मौका देता है।
