नमो घाट पर गंगा के ऊपर दिखेगी भारतीय वायु सेना की ताकत, 100 विमान करेंगे हवाई प्रदर्शन
‘Wings over Ganges’ थीम पर होगा एयर शो, राफेल, सुखोई, तेजस और सूर्यकिरण टीम सहित कई विमान दिखाएंगे अपनी उड़ान क्षमता
वाराणसी, 20 अक्टूबर 2026। भारतीय वायु सेना की राष्ट्रसेवा के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायु सेना हवाई प्रदर्शन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। गंगा के ऊपर होने वाला यह भव्य एयर शो भारतीय वायु सेना की वायु शक्ति, आधुनिक तकनीक और वायु योद्धाओं के कौशल को प्रदर्शित करेगा। इस आयोजन की थीम ‘Wings over Ganges’ रखी गई है।
इस हवाई प्रदर्शन में कुल 100 विमान हिस्सा लेंगे। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं। भारतीय वायु सेना के गरुड़ विशेष बल भी इस आयोजन में भाग लेंगे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य देश की सैन्य क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ युवाओं को प्रेरित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति वायु सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करना है।
25 फॉर्मेशन में दिखाई देगी विमानों की ताकत
हवाई प्रदर्शन के लिए कुल 25 विमान फॉर्मेशन तैयार किए गए हैं। इनमें भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की क्षमताओं को अलग-अलग अंदाज में प्रदर्शित किया जाएगा। विमानों के बीच सटीक तालमेल, अनुशासित उड़ान और रोमांचक हवाई करतब इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।
प्रदर्शन में हेलीकॉप्टर श्रेणी के एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क III, एएलएच मार्क IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 शामिल होंगे। परिवहन एवं सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।
लड़ाकू विमानों में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए तेजस, मिग-29 और जगुआर शामिल हैं। इसके अलावा हार्वर्ड विमान तथा सूर्यकिरण और सारंग प्रदर्शन टीमें भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगी।
इस आयोजन में भारतीय थल सेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टर और भारतीय नौसेना के एक पी-8आई समुद्री निगरानी विमान तथा एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे। इससे तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त कार्यक्षमता का प्रदर्शन होगा।
12 वायु अड्डों से उड़ान भरेंगे विमान
इस भव्य आयोजन में शामिल विमान देशभर के 12 वायु अड्डों से उड़ान भरेंगे। इनमें चेन्नई के निकट स्थित नौसैनिक अड्डा अरक्कोणम भी शामिल है। इतने बड़े स्तर पर विमानों की भागीदारी भारतीय वायु सेना की व्यापक परिचालन क्षमता और रणनीतिक पहुंच को प्रदर्शित करेगी।
गंगा के ऊपर आसमान में विमानों की सटीक फॉर्मेशन उड़ानें, कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब और हेलीकॉप्टरों के विशेष प्रदर्शन दर्शकों को रोमांचित करेंगे।
‘काशी’ फॉर्मेशन में तिरंगे के रंगों से सजेगा आसमान
हवाई प्रदर्शन की शुरुआत के प्रमुख आकर्षणों में ‘काशी’ फॉर्मेशन शामिल होगा। इसमें तीन किरण विमान विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार के विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे और गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाएंगे।
इसके बाद ‘वरुणा’ फॉर्मेशन में भारतीय वायु सेना और थल सेना के तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। इस दौरान रस्सी के सहारे जवानों को हेलीकॉप्टर से नीचे उतारने की स्लिदरिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
‘केदार’ फॉर्मेशन में एक राफेल विमान कम ऊंचाई पर सटीक एरोबेटिक करतब दिखाएगा। वहीं, ‘हनुमान’ कॉलसाइन के तहत सुखोई-30 एमकेआई विमान अपने हवाई कौशल का प्रदर्शन करेगा। इसके बाद ‘सारनाथ’ फॉर्मेशन में हार्वर्ड विमान दर्शकों को रोमांचक उड़ान करतब दिखाएगा।
सारंग और चेतक हेलीकॉप्टर भी दिखाएंगे दम
भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम अपने बेहतरीन समन्वय और उड़ान कौशल का प्रदर्शन करेगी। ‘ओंकार’ फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायु सेना का ध्वज लेकर विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
इसके बाद ‘गंगा’ फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टर पुष्पवर्षा करेंगे। ‘रुद्र’ फॉर्मेशन के तहत एक सुखोई-30 एमकेआई विमान मुख्य मंच के ऊपर से तेज गति से गुजरेगा।
‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर एलसीएच और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। वहीं, ‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का कामोव-31, भारतीय वायु सेना का एएलएच मार्क III और भारतीय थल सेना का एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर एक साथ विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त संचालन क्षमता का प्रतीक होगा।
परिवहन विमानों के फॉर्मेशन भी होंगे खास
हवाई प्रदर्शन में भारी परिवहन और सहायक विमानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। ‘अलकनंदा’ फॉर्मेशन में दो चिनूक और दो एएलएच मार्क IV हेलीकॉप्टर उल्टे विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
‘भैरव’ फॉर्मेशन में एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान विक्ट्री फॉर्मेशन में मुख्य मंच के सामने से गुजरेंगे। ‘कैलाश’ फॉर्मेशन में एक सी-130 और दो एएन-32 विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
‘त्रिलोचन’ फॉर्मेशन में एक एईडब्ल्यूएंडसी विमान दो मिग-29 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। ‘नटराज’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ दिखाई देगा। वहीं, ‘महादेव’ फॉर्मेशन में हवा में ईंधन भरने वाला आईएल-78 विमान तीन मिराज-2000 विमानों के साथ उड़ान भरेगा।
राफेल, सुखोई और जगुआर के फॉर्मेशन होंगे आकर्षण
लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन में ‘विश्वनाथ’, ‘पशुपति’ और ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन विशेष आकर्षण होंगे। ‘विश्वनाथ’ में तीन सुखोई-30 एमकेआई विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘पशुपति’ फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड फॉर्मेशन में दिखाई देंगे। फिर तीन राफेल विमानों का ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन होगा।
‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमान तीर के अग्रभाग जैसी आकृति में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन भारतीय वायु सेना की युद्धक तैयारी, सटीक प्रहार क्षमता और परिचालन दक्षता को प्रदर्शित करेगा। आयोजन की जानकारी में इसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित वायु शक्ति को समर्पित बताया गया है।
स्वदेशी तेजस और सूर्यकिरण टीम पर रहेंगी निगाहें
स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान एलसीए तेजस ‘अस्सी’ कॉलसाइन के तहत कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करेगा। यह भारत की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, स्वदेशी तकनीक और लड़ाकू विमान निर्माण में बढ़ती आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करेगा।
कार्यक्रम के अंतिम प्रमुख आकर्षणों में ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन शामिल होगा। इसमें एक सी-17 ग्लोबमास्टर विमान नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों का नेतृत्व करते हुए मुख्य मंच के ऊपर से फ्लाईपास्ट करेगा। इसके बाद देश की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में समन्वित उड़ान और रोमांचक करतब प्रस्तुत करेगी।
राष्ट्रीय गौरव और युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा एयर शो
नमो घाट पर आयोजित होने वाला यह हवाई प्रदर्शन भारतीय वायु सेना की तकनीकी क्षमता, अनुशासन, साहस और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करेगा। गंगा के ऊपर आधुनिक लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और एरोबेटिक टीमों की उड़ानें वाराणसी के लिए एक यादगार दृश्य प्रस्तुत करेंगी।
यह आयोजन न केवल भारतीय वायु सेना की उपलब्धियों को सामने लाएगा, बल्कि युवाओं को सशस्त्र बलों और विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का अवसर भी बनेगा।
