इंडिया वाला डांस सिर्फ टेक्नीक नहीं, भावना और अभिव्यक्ति है” जावेद जाफ़री

Dance Pioneer Javed Jaffrey Returns to the Stage of 'India's Best Dancer'; Reveals What Constitutes 'India Wala Dance' and the True Soul of Bollywood.
 
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लखनऊ। भारतीय टेलीविज़न पर डांस रियलिटी शो की शुरुआत करने वाले अग्रणी कलाकार जावेद जाफ़री एक बार फिर टीवी शो India's Best Dancer के जजिंग पैनल में नजर आएंगे। वर्षों से भारतीय डांस संस्कृति और मनोरंजन जगत से जुड़े जावेद जाफ़री ने डांस के बदलते स्वरूप, बॉलीवुड डांस की आत्मा और युवा कलाकारों के लिए जरूरी गुणों पर खुलकर बात की।

उन्होंने कहा कि उनकी Boogie Woogie की यात्रा बेहद खास रही, क्योंकि वह सिर्फ भारत का पहला डांस शो नहीं था, बल्कि दुनिया के शुरुआती डांस रियलिटी फॉर्मेट्स में से एक माना जाता है। जावेद के मुताबिक, समय के साथ डांसर्स को मिलने वाला एक्सपोज़र और प्लेटफॉर्म काफी बढ़े हैं। इंटरनेट ने दुनिया को छोटा बना दिया है और अब कलाकार लगातार एक-दूसरे से सीख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज डांस के स्तर में काफी बदलाव आया है। “अब ज्यादा सिंक, ज्यादा अवेयरनेस और अलग-अलग स्टाइल्स का खूबसूरत फ्यूज़न देखने को मिलता है। बैले और जैज़ जैसे इंटरनेशनल क्लासिकल फॉर्म्स में हम अभी भी सीख रहे हैं, लेकिन फ्रीस्टाइल और फ्यूज़न में भारतीय डांसर्स किसी से कम नहीं हैं।”

इस सीज़न की थीम ‘इंडिया वाला डांस’ और बॉलीवुड की आत्मा पर आधारित है। इस पर जावेद जाफ़री ने कहा कि बॉलीवुड डांस अपने आप में भारतीय लोक शैली, वैश्विक प्रभाव, कंटेम्पररी मूवमेंट्स और मार्शल आर्ट्स का अनोखा मेल है।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए ‘इंडिया वाला डांस’ सिर्फ टेक्नीक नहीं है। यह उस किसान की तरह है जो खेतों में बिना किसी दिखावे के खुशी से नाचता है। यह संगीत को महसूस करने का नाम है, सिर्फ परफॉर्म करने का नहीं।”

उन्होंने हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों राजेश खन्ना, मिथुन चक्रवर्ती, शम्मी कपूर और जितेंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी की अपनी अलग डांस शैली थी, जिससे दर्शक तुरंत जुड़ जाते थे। यही बॉलीवुड डांस की सबसे बड़ी खूबसूरती है।

बतौर जज वह किन बातों पर ध्यान देते हैं, इस सवाल पर जावेद जाफ़री ने कहा कि टेक्नीक से पहले वह यह देखते हैं कि कलाकार संगीत को अपनी कोरियोग्राफी में किस तरह उतारता है। इसके बाद अभिव्यक्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा, “सिर्फ चेहरे के एक्सप्रेशन नहीं, बल्कि पूरे शरीर की अभिव्यक्ति मायने रखती है। प्यार, गुस्सा, डर, करुणा या दृढ़ता — कलाकार इन भावनाओं को अपने शरीर के जरिए दर्शकों तक कैसे पहुंचाता है, यही असली कला है।”

युवा डांसर्स के लिए संदेश देते हुए जावेद जाफ़री ने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर मेहनत और खुद से प्रतिस्पर्धा करना है।

उन्होंने कहा, “हर हफ्ते आपको खुद को पिछले हफ्ते से बेहतर बनाना होगा। अगर आप खुद के प्रति ईमानदार नहीं होंगे तो पहले दिन आपको पता चल जाएगा, फिर आपके शिक्षक को और आखिर में दर्शकों को भी। इसलिए खुद को लगातार आगे बढ़ाते रहो, अपने काम से प्यार करो और प्रतियोगिता की बजाय खुद पर ध्यान दो।”

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