एमएलके पीजी कॉलेज में बीएड के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीटिंग आयोजित
कार्यक्रम की अध्यक्षता शक्ति स्मारक संस्थान, बलरामपुर के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में एमएलके पीजी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. राजीव रंजन उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में शक्ति स्मारक संस्थान के बीएड विभागाध्यक्ष दयाशंकर सिंह तथा मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार शुक्ला शामिल रहे।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्रो. छत्रसाल सिंह ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने बीएड पाठ्यक्रम की विशेषताओं, उद्देश्यों, दूरस्थ शिक्षा की व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान भी किया।
मुख्य अतिथि डॉ. राजीव रंजन ने एमएलके पीजी कॉलेज में पहली बार बीएड पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि अध्ययन केंद्र पर शिक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास और शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के लिए महाविद्यालय की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को दूरस्थ शिक्षा के प्रति सजग रहने और नियमित अध्ययन के साथ अपना उत्साह बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी कार्य की अधिकता के कारण पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित नहीं हो पाता। ऐसे में विद्यार्थियों को समय प्रबंधन और निरंतर अध्ययन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

बीएड कार्यक्रम के प्रभारी प्रो. श्री प्रकाश मिश्र ने महाविद्यालय को अध्ययन केंद्र के रूप में चयनित करने के लिए विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बीएड पाठ्यक्रम का संचालन व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बीएड कार्यक्रम के सहायक प्रभारी डॉ. राम रहीस भी उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की महत्ता, बीएड कार्यक्रम की उपयोगिता, शिक्षक प्रशिक्षण के बदलते स्वरूप तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं को अनुशासन बनाए रखने, नियमित अध्ययन करने और विद्यालयी इंटर्नशिप को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत और सरस्वती वंदना से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इंडक्शन मीटिंग के बाद शिक्षार्थियों के लिए संपर्क कक्षाएं भी संचालित की गईं। अंत में कार्यक्रम प्रभारी प्रो. श्री प्रकाश मिश्र ने सभी अतिथियों एवं शिक्षार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
हिंदी भाषा को और सहज बनाएं
समाचार को थोड़ा संक्षिप्त करें
मुख्य जानकारी को ऊपर लाएं
