गंभीर स्कार कॉन्ट्रैक्चर से जूझ रहे मासूम को मिली नई ज़िंदगी, जटिल सर्जरी सफल
लखनऊ, 17 मार्च 2026: गर्दन के गंभीर स्कार कॉन्ट्रैक्चर से पीड़ित एक मासूम बच्चे को नई जिंदगी मिली है। Medanta Hospital के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक जटिल सर्जरी कर बच्चे को सामान्य जीवन की ओर लौटाया। अब यह नन्हा बच्चा अपने माता-पिता की आँखों में सीधे देख पा रहा है, जो पहले उसके लिए असंभव था।
अस्पताल में लाए जाने पर बच्चा सामान्य दिख रहा था, लेकिन उसकी गर्दन पीछे की ओर जकड़ी हुई थी। वह लगातार ऊपर की ओर देखता रहता था और सामने नहीं देख पाता था। जांच में पता चला कि उसकी गर्दन के पीछे गंभीर स्कार कॉन्ट्रैक्चर बन गया था, जो कुछ महीने पहले हुए संक्रमण के कारण विकसित हुआ था।
इस जटिल मामले का नेतृत्व Dr. Nikhil Puri (डायरेक्टर, प्लास्टिक, एस्थेटिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) और Dr. Ashish Vilas Ukee (सीनियर कंसल्टेंट) ने किया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का घाव तो भर गया था, लेकिन उस प्रक्रिया में त्वचा सख्त होकर सिकुड़ गई, जिससे गर्दन पीछे की ओर खिंच गई। स्थिति इतनी गंभीर थी कि बच्चा सिर आगे झुका ही नहीं पा रहा था।
सर्जरी से पहले सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बच्चा कुपोषित था और तुरंत ऑपरेशन के लिए फिट नहीं था। इसलिए पहले उसकी सेहत में सुधार किया गया। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से उपचार की योजना बनाई गई।ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने गर्दन की जकड़ी त्वचा को सावधानीपूर्वक ढीला किया। जहां त्वचा की कमी थी, वहां आसपास की त्वचा को खिसकाकर कवर किया गया और कुछ हिस्सों में शरीर के अन्य भागों से त्वचा लेकर ग्राफ्ट किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान हड्डियों को सुरक्षित रखा गया और खून का नुकसान भी न्यूनतम रहा।
सर्जरी के बाद बच्चे को आईसीयू में निगरानी में रखा गया, जहां उसकी स्थिति धीरे-धीरे स्थिर होती गई। बाद में उसे वार्ड में शिफ्ट किया गया और करीब एक महीने के उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आज इस सर्जरी का परिणाम साफ दिखाई दे रहा है—बच्चा अब सामान्य रूप से सिर सीधा रख सकता है और अपने माता-पिता की आँखों में देखकर मुस्कुरा सकता है। यह न केवल एक सफल चिकित्सा उपलब्धि है, बल्कि एक परिवार के लिए उम्मीद और खुशी की नई शुरुआत भी है।
