लखनऊ मंडल के माध्यमिक स्कूलों में लागू होंगे SDG-4 के अभिनव प्रयोग, शिक्षा निदेशक ने मांगी रिपोर्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और समावेशी बनाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. महेंद्र देव ने लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी छह जिलों के माध्यमिक स्कूलों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल-4 (SDG-4) के तहत किए गए नवाचारों, बेस्ट प्रैक्टिसेज और अभिनव प्रयोगों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस निर्देश के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक (लखनऊ मंडल) डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने मंडल के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को पत्र जारी कर जल्द से जल्द यह डेटा मुख्य कार्यालय को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर हो रही है सीधी निगरानी
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल-4 (सतत विकास लक्ष्य-4) उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं वाले कार्यक्रमों में शामिल है। इसकी महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद माननीय मुख्यमंत्री जी, मुख्य सचिव और शासन स्तर पर समय-समय पर इसकी प्रगति की सीधी समीक्षा की जाती है। यही वजह है कि इस क्षेत्र को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए स्कूलों में नए प्रयोगों और तकनीकी नवाचारों पर विशेष बल दिया जा रहा है।

क्या है SDG-4 और इसका मुख्य उद्देश्य?
डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए यह एक बेहतरीन और दूरगामी प्लेटफॉर्म है एसडीजी-4 का मूल उद्देश्य समाज के हर वर्ग के लिए समावेशी, निष्पक्ष और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही यह छात्रों के लिए आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देता है। माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को शिक्षा के समान अवसर मिलने से वे न केवल स्वावलंबी (आत्मनिर्भर) बनेंगे, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।"
इन 6 जिलों के स्कूलों से मांगी गई है रिपोर्ट
लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले निम्नलिखित जिलों के माध्यमिक विद्यालयों को अपने यहां के नवाचारों की जानकारी देनी होगी:
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लखनऊ
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सीतापुर
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हरदोई
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उन्नाव
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लखीमपुर खीरी
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रायबरेली
इस पहल से न केवल सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में चल रहे रचनात्मक कार्यों को पहचान मिलेगी, बल्कि दूसरे स्कूलों को भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए आइडियाज मिलेंगे।
📡 रिपोर्ट: जिला सूचना प्रकोष्ठ, लखनऊ मंडल
📝 विशेष वक्तव्य: डॉ. दिनेश कुमार (मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी, लखनऊ मंडल)
