जयपुरिया स्कूल (गोयल कैंपस) में अभिनव शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला: आधुनिक तकनीकों से बेहतर होगा छात्रों का भाषा कौशल

Innovative Teacher Training Workshop at Jaipuria School (Goyal Campus): Modern Techniques to Enhance Students' Language Skills
 
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Seth M.R. Jaipuria School Faculty Training: लखनऊ के प्रतिष्ठित सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, गोयल कैंपस में अंग्रेजी विभाग के शिक्षकों की कार्यक्षमता और शिक्षण शैली को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए एक विशेष दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह ज्ञानवर्धक सत्र 'वर्ड्स वर्थ इंग्लिश लैंग्वेज सिस्टम' (Words Worth English Language System) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। यह प्रशिक्षण सत्र विषय विशेषज्ञ श्री अंतरीक्ष गोस्वामी द्वारा बुधवार, 20 मई और गुरुवार, 21 मई को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित किया गया।

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नवाचारपूर्ण पद्धतियों और आधुनिक शिक्षण विधियों पर जोर

इस दो दिवसीय कार्यशाला का प्राथमिक एजेंडा अंग्रेजी भाषा के अध्यापन में नवीन तकनीकों (Innovations) और आधुनिक शिक्षण प्रणालियों को शामिल करना था। कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता श्री गोस्वामी ने शिक्षकों को कई ऐसी प्रभावी और सरल तकनीकों से अवगत कराया, जिसके जरिए विद्यार्थियों के:

  • शब्दावली (Vocabulary) और शुद्ध उच्चारण (Pronunciation) को सुधारा जा सके।

  • सुनने (Listening), बोलने (Speaking), पढ़ने (Reading) और लिखने (Writing) के कौशल (LSRW Skills) को और अधिक मजबूत किया जा सके।

पारंपरिक और पुरानी शिक्षण पद्धतियों की सीमाओं को तोड़कर अंग्रेजी भाषा की कक्षाओं को कैसे अधिक जीवंत, संवादात्मक (Interactive) और परिणामोन्मुखी बनाया जाए, इस पर व्यावहारिक अभ्यास भी कराए गए।

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भाषा खेलों और समूह गतिविधियों में शिक्षकों ने दिखाया उत्साह

इस प्रशिक्षण सत्र की खासियत यह रही कि यह केवल थ्योरी तक सीमित नहीं था। सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न समूह चर्चाओं (Group Discussions), प्रैक्टिकल अभ्यासों और भाषा से जुड़े रोचक खेलों (Language Games) में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिक्षकों ने सीखा कि खेल-खेल में बच्चों को व्याकरण और भाषा की बारीकियां कैसे सिखाई जा सकती हैं।

बदलती शैक्षिक दुनिया में अग्रणी रहने के लिए कार्यशालाएं जरूरी: डॉ. रीना पाठक

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. श्रीमती रीना पाठक ने अंग्रेजी विभाग के इस सफल आयोजन और शिक्षकों के प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की पेशेवर क्षमताओं को निखारने में मील का पत्थर साबित होते हैं। आज की तेजी से बदलती वैश्विक शिक्षा प्रणाली में हमारे शिक्षकों को हमेशा अपडेटेड और अग्रणी बनाए रखने के लिए ऐसी कार्यशालाएं बेहद अनिवार्य हैं।"

एक नई शुरुआत का संकल्प: कार्यशाला के समापन पर सभी शिक्षकों ने नई ऊर्जा, नवीन प्रेरणाओं और दुगने उत्साह के साथ सत्र के दौरान सीखी गई सभी गतिविधियों और कूटनीतिक तरीकों को आगामी कक्षाओं में लागू करने का संकल्प लिया।

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