जयपुरिया गाजियाबाद में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'AIM-PEACE 2026' का शानदार आयोजन
गाजियाबाद, 4 जुलाई 2026: जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, इंदिरापुरम (गाजियाबाद) द्वारा शनिवार को एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'AIM-PEACE 2026' का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय "AI in Management for People, Ethics, Accountability, Collaboration & Enterprise" (प्रबंधन में एआई: लोग, नैतिकता, जवाबदेही, सहयोग और उद्यम) रखा गया।
इस वैश्विक मंच पर भारत और विदेशों के शीर्ष शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, कॉर्पोरेट लीडर्स, उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने शिरकत की। सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य रिस्पॉन्सिबल मैनेजमेंट (उत्तरदायी प्रबंधन), एथिकल लीडरशिप और सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका और इसके भविष्य पर एक सार्थक वैश्विक विमर्श तैयार करना था।
उद्घाटन सत्र: नैतिकता और मानवीय मूल्यों पर जोर
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और नेटवर्किंग सेशन के साथ हुई। इसके बाद, सेठ आनंदराम जयपुरिया एजुकेशन सोसाइटी के चेयरमैन श्री शिशिर जयपुरिया ने उद्घाटन भाषण दिया।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लक्ष्य मानव क्षमता को रिप्लेस करना नहीं, बल्कि उसे और अधिक सशक्त व कुशल बनाना है। भविष्य का मैनेजमेंट पूरी तरह से ऐसे एआई सिस्टम पर निर्भर करेगा जो नैतिकता, पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखते हों।"
— श्री शिशिर जयपुरिया, चेयरमैन
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने और वैश्विक संगठनों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए नए जमाने के लीडर्स को इस सम्मेलन की थीम—लोग, नैतिकता, जवाबदेही, सहयोग और उद्यम—पर विशेष ध्यान केंद्रित करना होगा।
उद्योग और शिक्षा जगत के दिग्गजों के विचार
सम्मेलन में आए विशिष्ट अतिथियों ने तकनीकी नवाचार और नैतिक जिम्मेदारी के संतुलन पर अपने विचार साझा किए:
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प्रो. विशाल तलवार (सीओओ, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन): उन्होंने एआई के क्षेत्र में वैश्विक शैक्षणिक सहयोग (Global Academic Collaboration) को जरूरी बताते हुए कहा कि भविष्य के बिजनेस मॉडल को तकनीकी विकास और नैतिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाना होगा।
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डॉ. प्रमोद कुमार (प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ व उद्योग नेता): उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उत्तरदायी एआई (Responsible AI) के निर्माण के लिए कॉर्पोरेट और शिक्षा जगत (Academia) के बीच एक मजबूत व घनिष्ठ साझेदारी समय की मांग है।
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श्री परमजीत सिंह गिल (सीईओ, ग्लोबस स्पिरिट्स): उन्होंने कॉर्पोरेट अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे एआई-आधारित समाधान आज के समय में संगठनों की कार्यक्षमता, पारदर्शिता, सुशासन (Governance) और हितधारकों का भरोसा बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं।
रिसर्च जर्नल और कॉन्फ्रेन्स सोवेनियर का विमोचन
इस अवसर पर जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की 'Research Journal' के नवीनतम अंक और 'Conference Souvenir' का विमोचन भी किया गया। यह संस्थान की उच्च स्तरीय शोध, नवाचार और ज्ञान-सृजन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उद्घाटन सत्र के अंत में संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) रविन्द्र नारंग ने सभी अतिथियों, शोधार्थियों और आयोजन समिति को धन्यवाद ज्ञापित किया।
तकनीकी सत्रों में समसामयिक विषयों पर गंभीर मंथन
सम्मेलन के दौरान हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में चार प्रमुख तकनीकी सत्र (Technical Sessions) आयोजित किए गए, जिनमें निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई:
| सत्र (Sessions) | मुख्य विषय (Key Themes) |
| सत्र 1 | Future of Work: Human-AI Collaboration in HR Practices |
| सत्र 2 | Reimagining Marketing in the Age of AI |
| सत्र 3 | AI in Innovation Management & Entrepreneurship |
| सत्र 4 | Sustainable Finance & Investment Strategies |
इन सत्रों में देश-विदेश के शोधकर्ताओं ने एआई-आधारित निर्णय क्षमता, नैतिक प्रशासन, सतत वित्त (Sustainable Finance), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) रणनीतियों जैसे विषयों पर अपने उत्कृष्ट शोध-पत्र (Research Papers) प्रस्तुत किए।
भविष्य का विजन
इस सफल आयोजन के माध्यम से जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने एक बार फिर अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपने संकल्प को दोहराया। 'AIM-PEACE 2026' ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि तकनीक का भविष्य तभी उज्ज्वल और सार्थक है जब वह उन्नत होने के साथ-साथ नैतिक, समावेशी और मानव-केंद्रित भी हो।

