MUIT लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'ICRAME 2026' का सफल समापन: वैश्विक शोध और नवाचार का बना केंद्र
लखनऊ | 02 अप्रैल 2026
महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MUIT), लखनऊ के महर्षि स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इन्टरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन रीसेंट एडवांसेस इन मल्टीडिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग (ICRAME 2026)” का आज गरिमामयी समापन हुआ। 1 और 2 अप्रैल को आयोजित इस सम्मेलन में दुनिया भर के इंजीनियरिंग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने भविष्य की तकनीकों पर मंथन किया। प्रतिष्ठित Taylor & Francis इस सम्मेलन का आधिकारिक प्रकाशन सहयोगी रहा।
उद्घाटन और मुख्य अतिथि
सम्मेलन का शुभारंभ भव्य स्तर पर हुआ, जिसमें डॉ. राजीव कुमार उपाध्याय (निदेशक, KNIT सुल्तानपुर) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ श्री अभिषेक सक्सेना (TCS लखनऊ) और डॉ. अभिनेश कौशिक (MNNIT इलाहाबाद) जैसे विशिष्ट अतिथियों ने सम्मेलन की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति श्री अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने की।
प्रमुख शोध आंकड़े: एक नज़र में
ICRAME 2026 को शोध जगत से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली:
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प्राप्त शोध-पत्र: 595
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स्वीकृत एवं प्रस्तुत: 200 से अधिक गुणवत्तापूर्ण शोध-पत्र।
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प्रमुख संस्थानों की भागीदारी: सम्मेलन में IIT मंडी, DTU, NIT कुरुक्षेत्र, NSUT दिल्ली, VIT और SRM चेन्नई जैसे देश के शीर्ष संस्थानों के प्रतिभागियों ने अपने शोध विचार साझा किए।
वैश्विक विशेषज्ञों का संवाद
सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता इसके हाइब्रिड तकनीकी सत्र और आमंत्रित व्याख्यान रहे। अमेरिका की Fairleigh Dickinson University से डॉ. अविमन्यु वत्सा, Oracle USA से श्री अभिषेक बाजपेयी और Springer से डॉ. ओमप्रकाश तेम्भूर्णे जैसे विशेषज्ञों ने निम्नलिखित उभरते क्षेत्रों पर चर्चा की:
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हेल्थकेयर में AI: चिकित्सा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्रांतिकारी उपयोग।
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इंजीनियरिंग चुनौतियां: वास्तविक जीवन की जटिल समस्याओं का तकनीकी समाधान।
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अंतःविषयक नवाचार: मल्टीडिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग के माध्यम से सामाजिक बदलाव।
समापन और भविष्य की राह
2 अप्रैल को आयोजित समापन सत्र में श्री रजनीश कुमार अस्थाना (अतिरिक्त निदेशक, NIELIT लखनऊ) ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने सम्मेलन की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शोधकर्ताओं के लिए एक नई दिशा खोलते हैं।
इस विशाल आयोजन का सफल संचालन विश्वविद्यालय के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में हुआ:
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मार्गदर्शन: महानिदेशक श्री ओ.पी. शर्मा, कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह, कुलसचिव श्री गिरीश चिमवाल और डीन अकादमिक्स डॉ. नीरज जैन।
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आयोजन टीम: कॉन्फ्रेंस चेयर डॉ. कल्याण आचार्य एवं संयोजक डॉ. राकेश कुमार यादव के नेतृत्व में पूरी टीम ने इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाया।
