International Yoga Day 2026: 'स्वस्थ वृद्धावस्था हेतु योग' थीम पर लखनऊ में विशेष शिविर; बुजुर्गों की शारीरिक-मानसिक समस्याओं का अचूक इलाज है योग

International Yoga Day 2026: Special camp in Lucknow themed 'Yoga for Healthy Aging'; Yoga is an effective remedy for the physical and mental health issues faced by the elderly.
 
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हेल्थ एवं लाइफस्टाइल डेस्क (20 जून 2026):

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय (भारत सरकार) के सहयोग से इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (INO)-सूर्या फाउंडेशन द्वारा देशव्यापी स्तर पर योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अमर शहीद पथ स्थित 'शाश्वत द इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड नर्सिंग' में एक विशेष योग शिविर का संचालन किया जा रहा है।

इस वर्ष के योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था हेतु योग" (Yoga for Healthy Aging) रखी गई है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों को एक सक्रिय और रोगमुक्त जीवन प्रदान करना है। इस अभियान का समापन 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के भव्य उत्सव के साथ होगा।

देशभर में 1 लाख से अधिक स्थानों पर सामूहिक योग का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनभागीदारी बढ़ाने के आह्वान के तहत इस वर्ष आयुष मंत्रालय द्वारा 100 दिवसीय काउंटडाउन प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 21 जून 2026 को पूरे भारत में एक लाख से अधिक स्थानों पर सामूहिक योग अभ्यास कराने का विशाल लक्ष्य रखा गया है।

आमतौर पर हर साल आईएनओ-सूर्या फाउंडेशन द्वारा 30 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 500 जिलों में 5,000 स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें लाखों लोग 'कॉमन योग प्रोटोकॉल' का अभ्यास करते हैं।

विशेषज्ञों की राय: वृद्धावस्था में वरदान है योग और ध्यान

शिविर के दौरान आयोजित एक विशेष व्याख्यान में चिकित्सा एवं योग विशेषज्ञों ने बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर योग के सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया:

  • शारीरिक और मानसिक समस्याओं का समाधान: आईएनओ उत्तर प्रदेश के एडवाइजरी बोर्ड मेंबर और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य सहसंयोजक डॉ. अरुण कुमार भरारी ने कहा, "वृद्धावस्था में आने वाली कई गंभीर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण में योग एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।"

  • याददाश्त में वृद्धि: डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि नियमित योग और ध्यान (Meditation) के अभ्यास से बढ़ती उम्र में भी व्यक्ति की याददाश्त और एकाग्रता में उल्लेखनीय सुधार होता है।

इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य कैप्टन आर.पी. शुक्ला, उप प्राचार्या सुधा, डॉ. पुष्पा यादव, एम.डी. गुप्ता, डॉ. अनूप सहाय, अनुराधा, दीपशिखा, दिशा सेन और सुधांशु दयाल ने भी अपने विचार साझा किए।

प्रोटोकॉल के तहत अभ्यास और योग प्रश्नोत्तरी

इस शिविर में आयुष मंत्रालय के तय मानकों के अनुसार योग विशेषज्ञ डॉ. राकेश प्रताप सिंह और डॉ. सुदीप कुमार द्वारा 'कॉमन योग प्रोटोकॉल' का अभ्यास कराया जा रहा है, जबकि डॉ. विनोद कुमार यादव द्वारा ध्यान सत्रों का संचालन किया जा रहा है।

कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए योग पर आधारित एक प्रश्नोत्तरी (Quiz Competition) भी आयोजित की गई। इसमें सही उत्तर देकर रिचा पटेल, श्रद्धा पटेल, आकांक्षा यादव, ज्योति पाल, नेहा मौर्य और अंकिता ने बाजी मारी। इस पूरे शिविर में संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और प्रबंध समिति के सदस्यों द्वारा पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया जा रहा है।

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