वनवासी छात्रावास में नवप्रवेशित छात्रावासियों का परिचय सम्मेलन, समाजसेवियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी ज्योति राय, वरिष्ठ कोषागार अधिकारी कामेश्वर प्रसाद पटेल, संस्थान के संरक्षक प्रो. जे.पी. पाण्डेय एवं अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सुंदरकांड का पाठ भी आयोजित किया गया।

नवप्रवेशित छात्रावासियों को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी ज्योति राय ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सुदूर, पिछड़े एवं वनवासी क्षेत्रों के बच्चों के कल्याण के लिए संचालित यह छात्रावास प्रेरणादायी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ छात्रावास के बच्चों तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
वरिष्ठ कोषागार अधिकारी कामेश्वर प्रसाद पटेल ने संस्थान की गतिविधियों की सराहना करते हुए समिति के सदस्यों के सेवा कार्यों की प्रशंसा की। संस्थान के संरक्षक प्रो. जे.पी. पाण्डेय ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है और प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में अपना योगदान देना चाहिए।

संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वनवासी छात्रावास की स्थापना का उद्देश्य दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों के जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, उनमें सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय संस्कारों का विकास करना तथा उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण में सहयोग देना है। उन्होंने छात्रावास की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की।कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी श्रीराम पाण्डेय एवं मंगल बाबू को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रचार-प्रसार समिति के सदस्य लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान ने किया।

इस अवसर पर प्रो. दिव्य दर्शन तिवारी, रमेश पहवा, डॉ. एम.पी. तिवारी, अजीत प्रताप सिंह, साधना श्रीवास्तव, रीना श्रीवास्तव, शैल सिंह, डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. राजन सिंह, डॉ. एस.के. त्रिपाठी, अखिलेश्वर तिवारी, राम कुमार मिश्र, वेदप्रकाश मिश्र, सचिन जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
