निवेशकों को मिलेगा कुशल मानव संसाधन, यूपी में गठित हुआ ‘कौशल कनेक्ट सेल’

Investors will get skilled human resources, 'Skill Connect Cell' formed in UP
 
निवेशकों को मिलेगा कुशल मानव संसाधन, यूपी में गठित हुआ ‘कौशल कनेक्ट सेल’

लखनऊ, 18 फरवरी 2026।  उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार ने एक और अहम पहल की है। योगी आदित्यनाथ के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रदेश में निवेश करने वाले बड़े उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित वर्कफोर्स उपलब्ध कराने के लिए ‘कौशल कनेक्ट सेल’ का गठन किया है।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में आ रहे निवेश को समय पर कुशल मानव संसाधन मिले, जिससे परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुचारु रूप से हो सके। इसके लिए इन्वेस्ट यूपी और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के बीच सीधा और प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है।

स्पीडअप-पीएमयू के माध्यम से होगा रियल-टाइम समन्वय

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि प्रशिक्षण और रोजगार प्रक्रिया को तेज करने के लिए मिशन में स्पीडअप-पीएमयू को जोड़ा गया है। यह पीएमयू अब ‘कौशल कनेक्ट सेल’ के जरिए निवेशकों के साथ रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन करेगा।

उन्होंने कहा कि यह सेल केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन और निवेश की सफलता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

जिले-वार और सेक्टर-वार स्किल डिमांड का बनेगा डेटाबेस

‘कौशल कनेक्ट सेल’ के प्रमुख कार्यों में शामिल होगा:

  • इन्वेस्ट यूपी के साथ दैनिक आधार पर परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी

  • यह आकलन करना कि किस जिले में कितना निवेश आ रहा है

  • ऑटोमोबाइल, आईटी, टेक्सटाइल जैसे सेक्टर्स में आवश्यक स्किल्स और मानव संसाधन की मांग का डेटा तैयार करना

  • उद्योगों के एचआर विभागों से निरंतर संवाद

  • प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से प्रशिक्षित लेकिन बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ना

स्किल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच खत्म होगा अंतर

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन लगभग 35 सेक्टर्स और 1300 से अधिक जॉब रोल्स में युवाओं को प्रशिक्षित कर रहा है।

‘कौशल कनेक्ट सेल’ के सक्रिय होने से अब प्रशिक्षण और उद्योगों की मांग के बीच की दूरी कम होगी, जिससे युवाओं को अपने ही जिले में बड़े उद्योगों में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्किल हब बनने की दिशा में कदम

यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश में Ease of Doing Business को मजबूती देगी, बल्कि राज्य को एक ‘स्किल हब’ के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगी।

समन्वय को और सुदृढ़ करने के लिए दोनों विभागों ने एकल संपर्क सूत्र (SPOC) भी नामित किए हैं।

  • इन्वेस्ट यूपी की ओर से ओमार शहीद को टीम लीडर एसपीओसी बनाया गया है।

  • कौशल विकास मिशन की ओर से सेल की अध्यक्षता डॉ. पवित्रा टंडन करेंगी।

  • मिशन के एसपीओसी के रूप में अतुल कुमार सिंह को नामित किया गया है, जिनकी सहायता के लिए धनंजय कुमार द्विवेदी और ज्योति श्रीवास्तव को टीम में शामिल किया गया है।

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