आईएसएफ , सीआईईडी, इंटेग्रल यूनिवर्सिटी ने ग्रामीण महिला उद्यमी को आर एंड डी व मार्केटिंग सहयोग देकर बनाया और अधिक सक्षम
ग्राम पंचायत घर्कुइयां (जनपद बाराबंकी) के गणपति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी गरिमा सिंह ने हाल ही में आईएसएफ–सीआईईडी, इंटेग्रल यूनिवर्सिटी का भ्रमण किया। इस दौरान उनकी उद्यमिता को मजबूत बनाने के लिए संस्थान की ओर से व्यापक तकनीकी, अनुसंधान एवं विपणन सहायता उपलब्ध कराई गई।
डॉ. अलवीना फारूकी, हेड – बायो-इंजीनियरिंग, ने उनके उत्पादों के लिए समग्र अनुसंधान एवं विकास (R&D) सहयोग प्रदान किया, जिसमें उत्पाद मानकीकरण, उन्नत पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण और शेल्फ-लाइफ़ बढ़ाने के उपाय शामिल रहे।
इसी क्रम में डॉ. नूर आलम खान, इनक्यूबेशन मैनेजर, ने ब्रांड निर्माण, बाज़ार विस्तार और नए बिक्री चैनलों से जोड़ने हेतु रणनीतिक मार्केटिंग मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे उनके उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सके।
डॉ. निदा फातिमा, निदेशक – आईएसएफ, के नेतृत्व में टीम ने त्वरित सहयोग सुनिश्चित किया। गरिमा सिंह के स्वयं सहायता समूह के व्यवसाय संचालन को और सुचारु बनाने के लिए उन्हें तौल मशीन भी उपलब्ध कराई गई, जिससे उत्पादन प्रक्रिया में सटीकता और कुशलता बढ़ेगी। यह पहल महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण नवाचार और स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में आईएसएफ–सीआईईडी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
