एस.एम.एस. लखनऊ में आयोजित हुई इस्कॉन अध्यक्ष एच.जी. अपरिमेय श्यामदास जी की प्रेरणादायक आध्यात्मिक चर्चा
लखनऊ डेस्क | प्रत्यूष पाण्डेय स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (SMS), लखनऊ में चल रहे इंडक्शन कार्यक्रम के छठे दिन आध्यात्मिक चिंतन एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र के मुख्य वक्ता इस्कॉन मंदिर लखनऊ के अध्यक्ष एच.जी. अपरिमेय श्यामदास एवं महिला फोरम की निदेशक एच.जी. अचिन्त्य रूपाणी दासी रहीं।
आध्यात्मिकता का जीवन में महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एच.जी. अपरिमेय श्यामदास जी ने विद्यार्थियों को जीवन में भौतिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज के युग में केवल भौतिक प्रगति ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी अत्यंत आवश्यक है। ईश्वर की भक्ति और आराधना से ही जीवन में वास्तविक शांति और संतोष प्राप्त किया जा सकता है।
वहीं, एच.जी. अचिन्त्य रूपाणी दासी जी ने जीवन में मन की भूमिका, कर्मों के प्रभाव और सात्विक जीवन शैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुख-दुख केवल मानसिक स्थिति के विकल्प हैं, और हमारे वर्तमान जीवन में आने वाले अनुभव पूर्व जन्मों के कर्मों का परिणाम होते हैं।
विद्यार्थियों से संवाद
सत्र के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का संतुलित और प्रेरक उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि तामसिक भोजन मानसिक और शारीरिक ऋणात्मकता को जन्म देता है, इसलिए सात्विक भोजन अपनाकर जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लानी चाहिए।
प्रशासन की सराहना और सहभागिता
संस्थान के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शरद सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि SMS लखनऊ समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहा है, जिससे नवप्रवेशी छात्र केवल भौतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दिशा में भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. आशीष भटनागर, महानिदेशक (तकनीकी) प्रो. (डॉ.) भरतराज सिंह, निदेशक (प्रशासन) डॉ. जगदीश सिंह, एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, डीन – स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. पी.के. सिंह, तथा डीन – अकैडमिक डॉ. हेमंत कुमार सिंह समेत कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
