भाजपा शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी ने जताया कड़ा विरोध, बिना शर्त माफी की उठाई मांग
शिक्षक समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं'
बीजेपी एमएलसी उमेश द्विवेदी ने देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संदेश में मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें कहीं:
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राष्ट्र की रीढ़ हैं शिक्षक: उमेश द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक हमारे समाज की रीढ़ की हड्डी हैं। देश के विकास, उन्नति और राष्ट्र निर्माण में गुरुओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
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भारतीय संस्कृति का हिस्सा है सम्मान: उन्होंने याद दिलाया कि गुरुजनों को आदर और सम्मान देना हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहा है। ऐसे में शिक्षकों के प्रति इस तरह की अभद्र या अमर्यादित टिप्पणी किया जाना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
डिजिटल एजुकेशन के दौर में शिक्षकों की मेहनत का सम्मान जरूरी
उमेश द्विवेदी का बयान: "ऑनलाइन माध्यम से देश के कोने-कोने में बैठे लाखों विद्यार्थियों तक ज्ञान की रोशनी पहुंचाने वाले इन शिक्षकों ने बेहद विपरीत और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। ऐसे डिजिटल युग में उनके कड़े परिश्रम और योगदान को कमतर आंकना या उनका सार्वजनिक अपमान करना बेहद निंदनीय है।"
बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग
शिक्षक एमएलसी ने स्पष्ट शब्दों में पत्रकार अंजना ओम कश्यप से पूरे शिक्षक समाज से बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश का पूरा शिक्षक समुदाय एकजुट है और वह अपने आत्मसम्मान तथा गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ या समझौता कतई नहीं करेगा।

