कोसने से अच्छा है प्रयास करें' जेएनएम पीजी कॉलेज में NSS विशेष शिविर का भव्य समापन
लखनऊ अप्रैल 2026 :
श्री जय नारायण मिश्र महाविद्यालय (KKC) की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की दो प्रमुख इकाइयों, 'प्रेरणा' एवं 'एकता', द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का पुरस्कार वितरण और प्रमाण पत्र वितरण के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ। 25 मार्च से 31 मार्च तक चले इस शिविर ने स्वयंसेवकों को समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराया।
समाज सेवा और कौशल विकास का संगम
सात दिनों तक चले इस विशेष अभियान में स्वयंसेवकों ने केवल श्रमदान ही नहीं किया, बल्कि विविध क्षेत्रों में अपनी दक्षता भी दिखाई:
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श्रमदान एवं सर्वे: आसपास के क्षेत्रों में जाकर स्वच्छता और सामाजिक स्थिति का आकलन किया।
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जागरूकता कार्यशालाएं: युवा स्वास्थ्य, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, उद्यमशीलता और कौशल विकास जैसे गंभीर विषयों पर विशेषज्ञों के साथ संवाद किया।
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सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं: बौद्धिक विकास के साथ-साथ अपनी कलात्मक प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि का प्रेरक संदेश: "Trying is Better than Crying"
समापन समारोह के मुख्य अतिथि और महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के.के. शुक्ल ने छात्र-छात्राओं को जीवन का मूल मंत्र देते हुए कहा: जीवन में कोसने से अच्छा है कि हम प्रयास करें। 'ट्राइंग इज बेटर दैन क्राइंग'। परिणाम की चिंता किए बिना श्रेष्ठ लक्ष्यों के लिए निरंतर कर्तव्य पथ पर डटे रहना ही हमारी पहचान होनी चाहिए।"
उन्होंने दोनों इकाइयों के स्वयंसेवकों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और समाज सेवा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
मेधावी स्वयंसेवकों का सम्मान
शिविर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्राचार्य द्वारा पुरस्कृत किया गया:
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एकता यूनिट: अक्षयव्रत और शांभवी सिंह को 'सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक' का पुरस्कार मिला।
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प्रेरणा यूनिट: अभिषेक सिंह और स्नेहा तिवारी ने 'सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक' का खिताब अपने नाम किया।
आभार और गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रेरणा यूनिट के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय राज श्रीवास्तव ने किया, जबकि एकता यूनिट के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशुतोष शुक्ला ने सात दिनों के सफल सफर के लिए सभी सहयोगियों और छात्रों का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर वाणिज्य संकाय प्रभारी प्रो. एस.के. चौहान, प्रो. ए.सी. द्विवेदी, प्रो. लियाकत, डॉ. रूही कटियार सहित भारी संख्या में शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि यह सात दिन का अनुभव उनके जीवन भर के सेवा भाव का आधार बनेगा।

