जयपुर: संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की अहम बैठक संपन्न; अशोक कुमावत बने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष
व्यापारिक समस्याओं पर गहन मंथन
बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता ने व्यापारियों के साथ सीधा संवाद किया और वर्तमान में व्यापार जगत के सामने खड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया:
-
बैंक ऋण एवं जीएसटी: बैंक लोन प्राप्त करने में आने वाली जटिलताओं और जीएसटी (GST) के विभिन्न वर्गों व टैक्स स्लैब को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई।
-
बढ़ती महंगाई: उत्पादकों द्वारा दामों में की जा रही वृद्धि के कारण आम जनता की क्रय शक्ति (Purchasing Power) कम हो रही है, जिससे बाजार में मांग घट रही है।
-
ऑनलाइन व्यापार का प्रभाव: पारंपरिक व्यापारियों ने ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते वर्चस्व को अपनी आजीविका के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि दुकानों का किराया और कर्मचारियों का वेतन निकालना अब मुश्किल होता जा रहा है।
संगठन का आश्वासन: शासन तक पहुँचेगी आवाज
व्यापारियों की समस्याओं को सुनने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता एवं उपाध्यक्ष रानू सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि संगठन इन मुद्दों को शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाएगा। उन्होंने कहा कि पत्राचार और संवाद के माध्यम से समाधान के प्रयास किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर व्यापारी एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
सामाजिक सरोकार: रक्तदान और वृक्षारोपण
आर्यन शर्मा के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए कार्यक्रम में सामाजिक गतिविधियों को भी जोड़ा गया। संगठन के सदस्यों ने रक्तदान शिविर में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया।
नई नियुक्तियां और संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर संगठन की मजबूती के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता ने अशोक कुमावत को संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल का राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। इस घोषणा का सभी उपस्थित सदस्यों ने स्वागत किया।
प्रमुख उपस्थिति
इस कार्यक्रम में राजस्थान के कई दिग्गज व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
-
डॉ. पवन कुमावत, विनोद कुमार रानोली एवं नरेंद्र सिंह।
-
संदीप यादव, नीतू यादव एवं देव लाल यादव, जिन्होंने व्यापारियों को कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का भरोसा दिलाया।
यह कार्यक्रम न केवल व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए एक मंच साबित हुआ, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति संगठन की सजगता को भी दर्शाया। सभी व्यापारियों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लेकर कार्यक्रम का समापन किया।
