कल्पना के रंगों से सजा जयपुरिया स्कूल; ‘मास्करेड ऑफ आर्ट’ प्रदर्शनी में दिखी बच्चों की अद्भुत रचनात्मकता
लखनऊ | 25 मार्च 2026
राजधानी के सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल का परिसर इन दिनों एक जीवंत कला दीर्घा (आर्ट गैलरी) में तब्दील हो गया है। विद्यालय की वार्षिक कला प्रदर्शनी ‘मास्करेड ऑफ आर्ट’ (Masquerade of Art) अब आम जनता और कला प्रेमियों के लिए खुल गई है। 24 मार्च से शुरू हुए इस आयोजन में विद्यार्थियों की असीम कल्पनाशक्ति और रचनात्मक कौशल का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
कला की विविध शैलियों का अनूठा संगम
यह प्रदर्शनी केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि पहचान और संस्कृति के विषयों पर आधारित एक गहरा कलात्मक अनुभव है। प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं:
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सांस्कृतिक झलक: बारीकी से तैयार किए गए कथकली मास्क और जनजातीय कला से प्रेरित कृतियाँ।
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पारंपरिक एवं आधुनिक कला: वारली कला की सादगी से लेकर आधुनिक पाश्चात्य डिज़ाइन्स और अमूर्त (Abstract) चित्रों की गहराई।
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विशाल भित्ति चित्र (Mural): सिरेमिक और पेंटिंग के मेल से बना एक भव्य म्यूरल दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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भावनात्मक अभिव्यक्ति: प्राकृतिक दृश्यों की शांति और मानवीय भावनाओं को दर्शाते जीवंत पोर्ट्रेट्स।
शिक्षा और सृजन का तालमेल
प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम कोचित्ती ने शिक्षा में कला के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा जयपुरिया स्कूल में हमारा मानना है कि शिक्षा पाठ्यपुस्तकों से परे है। यह प्रदर्शनी हमारे विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, मौलिक सोच और संस्कृति के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती है। यहाँ की हर रचना प्रतिभा के साथ-साथ अभिव्यक्ति के साहस का प्रतीक है।”
उत्साहित विद्यार्थी और गौरवान्वित अभिभावक
अपनी कलाकृतियों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर विद्यार्थी गर्व का अनुभव कर रहे हैं। एक छात्र ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि अपनी सोच और भावनाओं को कला के माध्यम से लोगों तक पहुँचाना और उनकी सराहना पाना एक सुखद अनुभव है। प्रदर्शनी में शहर भर से आए अभिभावकों और कला प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
दर्शकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
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प्रदर्शनी का नाम: ‘मास्करेड ऑफ आर्ट’
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स्थान: सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल परिसर, लखनऊ
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समय: 27 मार्च तक, प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
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प्रवेश: निःशुल्क (सभी के लिए खुला है)
यदि आप कला के पारखी हैं और बच्चों की रचनात्मक दुनिया को करीब से देखना चाहते हैं, तो 'मास्करेड ऑफ आर्ट' एक बेहतरीन गंतव्य है। यह आयोजन न केवल बच्चों की प्रतिभा को निखार रहा है, बल्कि लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत को भी समृद्ध कर रहा है।



