मदरसा दारुल उलूम वारसिया में जलसा-ए-दस्तारबंदी संपन्न
लखनऊ, 31 जनवरी। दारुल उलूम वारसिया, गोमतीनगर, लखनऊ के तत्वावधान में जलसा-ए-दस्तारबंदी का भव्य आयोजन मदरसा परिसर, विशाल खंड, गोमतीनगर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलेमा-ए-किराम, समाजसेवी एवं आमजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर ख़ुसूसी ख़िताब हज़रत अल्लामा मुफ्ती मुजाहिद हुसैन मिस्बाही द्वारा दिया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने अत्यंत श्रद्धा और ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम के दौरान हज़रत गुलज़ार मियां के करकमलों द्वारा इफ्ता, फ़ज़ीलत, आलमियत, क़िराअत एवं हिफ़्ज़ की शिक्षा पूर्ण करने वाले कुल 84 तलबा (विद्यार्थियों) की दस्तारबंदी की गई। दस्तारबंदी के इस पावन क्षण ने कार्यक्रम को भावनात्मक और ऐतिहासिक बना दिया।
इस अवसर पर दारुल उलूम वारसिया के प्रबंधक शरीफुल हसन क़ादरी, प्रिंसिपल मौलाना जहीर अब्बास बरकाती, वरिष्ठ आलिम मास्टर कलाम, सैयद नदीम, समाजसेवी नफीस अहमद, आशीष कुमार, सैयद मोहम्मद अमीम, मोहम्मद अलीम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों ने शिरकत कर दस्तारबंदी प्राप्त करने वाले छात्रों को दुआओं और मुबारकबाद से नवाज़ा। यह आयोजन धार्मिक शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
