जैनस इनीशिएटिव्स संस्था ने मेधावी व जरूरतमंद बच्चों को प्रदान की छात्रवृत्ति
गोंडा। जैनस इनीशिएटिव्स संस्था द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल करते हुए इस वर्ष जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। संस्था के संस्थापक एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुल आठ विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई, जिनमें नए एवं पूर्व से चयनित छात्र शामिल रहे। चयनित छात्रों को यह छात्रवृत्ति लगातार तीन वर्षों तक प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान नए छात्रों को प्रमाण पत्र एवं छात्रवृत्ति राशि देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि का प्रेरणादायी संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में मेहनत, हिम्मत और लगन के बल पर बड़ी से बड़ी कल्पनाओं को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सच्चे उद्देश्य और निरंतर प्रयास से किया गया परिश्रम कभी निष्फल नहीं जाता। कठोर परिश्रम ही मनुष्य का वास्तविक धन है, और बिना परिश्रम के सफलता की कल्पना अधूरी है।
संस्था का उद्देश्य
जैनस इनीशिएटिव्स के संस्थापक डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि परिश्रम ही जीवन की सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने बताया कि संस्था का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की शिक्षा बाधित न हो।उन्होंने जानकारी दी कि संस्था द्वारा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को ₹12,000 वार्षिक छात्रवृत्ति तीन वर्षों तक प्रदान की जाती है, ताकि वे अपनी उच्च शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रख सकें।
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य की भी पहल
फातिमा स्कूल के प्रधानाचार्य अरुण मोरस ने कहा कि मध्यम एवं गरीब वर्गीय परिवारों के लिए अच्छे विद्यालयों में शिक्षा का खर्च वहन करना लगातार कठिन होता जा रहा है। ऐसे में जैनस इनीशिएटिव्स जैसी पहलें जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए संजीवनी के समान हैं। उन्होंने इस कार्य को समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम के समापन पर फातिमा स्कूल के प्रधानाचार्य ने सभी अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. पंकज श्रीवास्तव एवं डॉ. राहुल वर्मा द्वारा विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का ईसीजी, ब्लड शुगर परीक्षण तथा चिकित्सकीय परामर्श नि:शुल्क किया गया। वहीं मैक्स लैब डायग्नोसिस सेंटर द्वारा 100 विद्यार्थियों के ब्लड ग्रुप की जांच नि:शुल्क की गई। यह आयोजन न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बना, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

