जौनपुर को मिली 3,650 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की सौगात, नितिन गडकरी ने 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
उत्तर प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय राजमार्ग कार्य प्रगति पर, जल्द ऊर्जा निर्यातक राज्य बनने की दिशा में बढ़ रहा यूपी: नितिन गडकरी
जौनपुर। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे के विस्तार को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जौनपुर जिले के मुंगरा बादशाहपुर में आयोजित कार्यक्रम में 3,650 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण, भूमिपूजन और कार्य शुभारंभ किया। लगभग 191.5 किलोमीटर लंबाई वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय उत्तर प्रदेश (पूर्व) के अंतर्गत आने वाली इन परियोजनाओं में तीन पूर्ण हो चुकी सड़क परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया, जबकि पांच नई परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू किया गया।
3,210 करोड़ की तीन परियोजनाएं जनता को समर्पित
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लगभग 3,210 करोड़ रुपये की लागत से तैयार तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें 1,505 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 63 किलोमीटर लंबा रायबरेली-प्रयागराज फोरलेन मार्ग, 1,078 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 24 किलोमीटर लंबा जगतपुर-बाबूगंज-ऊंचाहार-आलापुर फोरलेन बाईपास एवं पुल तथा 627 करोड़ रुपये की लागत से विकसित 49 किलोमीटर लंबा मछलीशहर-जंघई-भदोही मार्ग शामिल है।

पांच नई परियोजनाओं का निर्माण शुरू
कार्यक्रम में करीब 400 करोड़ रुपये की पांच अन्य सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं कार्य शुभारंभ भी किया गया। इनमें 198 करोड़ रुपये की लागत से चार किलोमीटर लंबा मुंगरा-बादशाहपुर बाईपास, 128 करोड़ रुपये की लागत से जौनपुर शहर में कुत्तूपुर तिराहे से सराय ख्वाजा तक 12 किलोमीटर मार्ग का फोरलेन चौड़ीकरण शामिल है।
इसके अतिरिक्त 92 करोड़ रुपये की लागत से मड़ियाहूं रेलवे क्रॉसिंग पर 1.5 किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज, 33 करोड़ रुपये से लता मंगेशकर तिराहे से प्रसाद इंस्टीट्यूट तक पांच किलोमीटर फोरलेन सड़क और 16 करोड़ रुपये की लागत से रामदयाल गंज में सई नदी पर दो लेन के पुल का निर्माण शुरू किया गया।
उत्तर प्रदेश में पांच लाख करोड़ के राजमार्ग कार्य जारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय लगभग पांच लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें एक लाख करोड़ रुपये के कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं विभिन्न प्रक्रियाओं में हैं और शेष कार्य भी प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए देश में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। पानी, बिजली, दूरसंचार और सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास के प्रमुख आधार हैं। इन सुविधाओं के बेहतर होने से उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार से औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को भी गति मिल रही है।

किसानों को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनाने पर जोर
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि किसानों को केवल अन्न उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ऊर्जा और ईंधन उत्पादन से भी जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि चावल और गन्ने जैसे कृषि उत्पादों से इथेनॉल और अन्य ऊर्जा स्रोत तैयार किए जा रहे हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर उत्तर प्रदेश
भविष्य की तकनीक और ऊर्जा के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से इलेक्ट्रिक और सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रही है। सरकार भी नई तकनीकों को प्रोत्साहित करने और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में आधारभूत ढांचे, औद्योगिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे कार्यों के परिणामस्वरूप राज्य भविष्य में ऊर्जा आयात करने के बजाय ऊर्जा का निर्यात करने की क्षमता विकसित कर सकेगा। इन आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के माध्यम से जौनपुर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क, यातायात सुविधा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
