जौनपुर के धीरज ISPL में चेन्नई सिंगम्स की ओर से दिखाएंगे अपना जलवा
Jaunpur's Dheeraj will showcase his talent for Chennai Singas in ISPL.
Sun, 11 Jan 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले से निकलकर इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) तक का सफ़र धीरज के लिए लंबा, शांत और निरंतर संघर्ष से भरा रहा है। बड़े टूर्नामेंट्स और डिजिटल कवरेज की चकाचौंध से दूर रहकर उन्होंने जमीनी स्तर पर क्रिकेट की बारीकियाँ सीखीं और अपने खेल को निखारा।
10वीं कक्षा पूरी करने के बाद, वर्ष 2008 के आसपास धीरज लखनऊ आए, जहाँ से उन्होंने क्रिकेट को गंभीरता से अपनाया। शुरुआती वर्षों में उन्होंने छोटे-छोटे स्थानीय टूर्नामेंट खेले—वे प्रतियोगिताएँ जो भले ही यूट्यूब या मुख्यधारा की सुर्ख़ियाँ न बन पाईं, लेकिन उनके ऑलराउंड खेल की नींव मजबूत करती रहीं। धीरज कहते हैं वे टूर्नामेंट मशहूर नहीं थे, लेकिन उन्होंने मुझे क्रिकेट सिखाया।
लगातार वर्षों की मेहनत के बाद, देशभर में टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते हुए धीरज ने व्यापक अनुभव हासिल किया और अंततः उनका बड़ा मौका आया। ISPL सीज़न-3 उनके लिए लीग में डेब्यू सीज़न है—एक ऐसा क्षण जिसका भावनात्मक महत्व उनके लिए बेहद खास है।
अपने संघर्ष को याद करते हुए धीरज ने पहले सीज़न की नीलामी में अनसोल्ड रहने की निराशा भी साझा की। उन्होंने कहा, “पिछले सीज़न की नीलामी देख रहा था और अनसोल्ड रहने पर बहुत बुरा लगा।
इस बार वे नीलामी भी नहीं देख रहे थे; चयन की सूचना उन्हें दोस्तों के माध्यम से मिली।
“दोस्तों ने कॉल कर बताया कि मेरा चयन हो गया है। बहुत खुशी हुई। मैं चेन्नई सिंगम्स टीम का आभारी हूँ, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया।
एक ऑलराउंडर के रूप में धीरज सादगी और अनुशासन में विश्वास रखते हैं। गेंदबाज़ी में उनकी पसंदीदा डिलीवरी गुड-लेंथ बॉल, जबकि बल्लेबाज़ी में पुल शॉट उनका भरोसेमंद हथियार है। शांत और संतुलित सोच के साथ वे मानते हैं कि ISPL जमीनी स्तर के क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देने वाला मंच है।
उन्होंने कहा ISPL खासकर अंडर-19 खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच है। युवा खिलाड़ियों को गुणवत्ता वाला क्रिकेट खेलने का अवसर मिलता है, वहीं सीनियर खिलाड़ी भी यहाँ आकर खुद को साबित करते हैं।
जैसे-जैसे चेन्नई सिंगम्स ISPL सीज़न-3 की तैयारियों में जुटी है, धीरज की टीम में मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि धैर्य, निरंतरता और कड़ी मेहनत—भले ही शुरुआत में पहचान न मिले—अंततः अपना मुकाम ज़रूर हासिल कर लेती है।
