AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा जियो: आकाश अंबानी

• 52.4 करोड़ यूजर बेस और 5G नेटवर्क के दम पर ‘इंटेलिजेंस एरा’ की ओर बढ़ते कदम
• जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर से घर-
घर कनेक्टिविटी का विस्तार
• बढ़ती डेटा खपत AI सेवाओं की मजबूत नींव
 
AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा जियो: आकाश अंबानी
मुंबई, 24 अप्रैल 2026: Reliance Industries के ताज़ा वित्तीय नतीजों से संकेत मिलता है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज में प्रवेश कर चुकी है। इस चरण में Reliance Jio केवल एक टेलीकॉम सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल और AI इकोसिस्टम का अहम गेटवे बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, जियो की मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की ठोस नींव तैयार कर रहे हैं।

कंपनी प्रबंधन के अनुसार, जियो की मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की ठोस नींव तैयार कर रहे हैं।  Akash Ambani, चेयरमैन, रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने कहा जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52.4 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।

देश के सबसे बड़े यूजर बेस और तेजी से फैलते 5G नेटवर्क के साथ जियो अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर फोकस कर रहा है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को सिर्फ ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि डिजिटल और AI सेवाओं के विस्तार के प्रमुख माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।
मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2.71 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। वहीं जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1.3 करोड़ तक पहुंचकर इस विस्तार का मजबूत आधार बन चुका है।
डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव का अहम संकेत है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में लगभग 35% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रति यूजर डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार कर रहा है।
वित्तीय प्रदर्शन भी इस रुझान की पुष्टि करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू 44,928 करोड़ रुपये रहा, जो 12.7% की वृद्धि दर्शाता है। EBITDA 20,060 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 52% से अधिक दर्ज किया गया। पूरे वित्तीय वर्ष में डिजिटल सेवाएं कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं।
कुल मिलाकर, जियो का मॉडल—मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत—मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में भारत की AI इकोनॉमी के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा साबित हो सकता है।

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