सर्दियों में बढ़ सकती है जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की जकड़न की परेशानी, फिजियोथेरेपी से मिल सकती है राहत
डॉ. आँचल वर्मा की सलाह: ठंड के मौसम में नियमित व्यायाम, वार्मअप और सही शारीरिक गतिविधियों को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही कई लोगों को जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी महसूस हो सकती है। खासकर बुजुर्गों, गठिया से पीड़ित लोगों और लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को इस मौसम में अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधियां और व्यक्ति की जरूरत के अनुरूप फिजियोथेरेपी दर्द के प्रबंधन तथा शरीर की गतिशीलता बनाए रखने में मददगार हो सकती हैं।
गोयल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लखनऊ की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. आँचल वर्मा ने बताया कि ठंड के मौसम में कई लोग व्यायाम और दूसरी शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से मांसपेशियों में अकड़न महसूस हो सकती है और पहले से मौजूद जोड़ों के दर्द की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में शरीर को सक्रिय रखना और नियमित रूप से हल्का व्यायाम करना महत्वपूर्ण है।
फिजियोथेरेपी से कैसे मिल सकती है मदद?
डॉ. आँचल वर्मा के मुताबिक, फिजियोथेरेपी में मरीज की शारीरिक स्थिति और परेशानी को ध्यान में रखते हुए व्यायाम, स्ट्रेचिंग, मांसपेशियों को मजबूत करने वाले अभ्यास और पुनर्वास तकनीकों का उपयोग किया जाता है। सही तरीके से किए गए इन अभ्यासों से जोड़ों की गतिशीलता, मांसपेशियों की कार्यक्षमता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की समस्या और शारीरिक क्षमता अलग होती है। इसलिए दर्द की प्रकृति और उसकी गंभीरता के अनुसार व्यायाम का चयन करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर योग्य फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेकर नियमित अभ्यास की योजना बनाई जा सकती है।
सर्दियों में व्यायाम करते समय रखें इन बातों का ध्यान
डॉ. आँचल वर्मा ने ठंड के मौसम में व्यायाम करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी।
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वार्मअप जरूर करें: व्यायाम शुरू करने से पहले हल्की गतिविधियों से शरीर को तैयार करें।
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शरीर को गर्म रखें: अधिक ठंड में बाहर निकलते समय मौसम के अनुरूप गर्म कपड़े पहनें।
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क्षमता के अनुसार व्यायाम करें: अचानक कठिन व्यायाम शुरू करने के बजाय हल्की गतिविधियों से शुरुआत करें।
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लंबे समय तक लगातार न बैठें: काम के दौरान बीच-बीच में उठें और थोड़ी देर चलें-फिरें।
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नियमितता बनाए रखें: अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार पैदल चलना, हल्की स्ट्रेचिंग और अन्य उपयुक्त गतिविधियां दिनचर्या में शामिल करें।
लगातार दर्द को नजरअंदाज न करें
डॉ. आँचल वर्मा ने कहा कि जिन लोगों को लगातार कमर या गर्दन में दर्द, घुटनों में परेशानी अथवा चलने-फिरने में कठिनाई होती है, उन्हें इसे सामान्य मौसमी समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ की सलाह से समस्या के अनुरूप उपचार एवं पुनर्वास की योजना बनाई जा सकती है।यदि दर्द अचानक बहुत बढ़ जाए, जोड़ में अधिक सूजन हो या चलने-फिरने में गंभीर परेशानी हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। व्यायाम के दौरान दर्द बढ़ने पर जबरदस्ती अभ्यास जारी नहीं रखना चाहिए।
सक्रिय दिनचर्या से बेहतर रह सकती है गतिशीलता
डॉ. आँचल वर्मा ने लोगों से अपील की कि सर्दियों में भी शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए रखें। नियमित व्यायाम, सही तरीके से स्ट्रेचिंग और जरूरत के अनुसार फिजियोथेरेपी अपनाने से शरीर की गतिशीलता बनाए रखने और रोजमर्रा के काम अधिक सहजता से करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि दर्द या मांसपेशियों की जकड़न की समस्या होने पर योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लेकर उचित कदम उठाना चाहिए।
