भव्य समारोह में देश व पड़ोसी देशों के पत्रकारों को “बोधिसत्व अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान–2026” से किया गया सम्मानित
नई दिल्ली। संत शेर सिंह रिसर्च एंड एजुकेशनल ट्रस्ट (रजि.) एवं सार्क जर्नलिस्ट फोरम – इंडिया चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज के संगोष्ठी कक्ष में “बोधिसत्व अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान–2026” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत सहित पड़ोसी देशों के पत्रकारों, समाजसेवकों एवं बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया गया।
सम्मान स्वरूप चयनित पत्रकारों को शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. रमा, अध्यक्षता प्रो. के.पी. सिंह, विशिष्ट अतिथि टीवी एंकर सुश्री पूजा मोहन पांडे, सार्क जर्नलिस्ट फोरम इंडिया चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अनिरुद्ध तथा आयोजनकर्ता प्रो. हंसराज सुमन रहे। समारोह में विभिन्न कॉलेजों के छात्र, शोधार्थी एवं शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
छद्म पत्रकारिता से सावधान रहने की आवश्यकता : प्रो. हंसराज सुमन
कार्यक्रम के आयोजनकर्ता एवं ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. हंसराज सुमन ने अपने संबोधन में भारत में पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की पत्रकारिता छद्म जाल में उलझती जा रही है और वास्तविक पत्रकारिता को पुनः जागृत करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि एक समय भारतीय पत्रकारिता विश्वसनीयता के लिए जानी जाती थी, किंतु आज वैश्विक रैंकिंग में भारत 151वें स्थान पर पहुँच चुका है। पत्रकारों को किसी भी प्रकार के दबाव या बंधन से मुक्त होकर निर्भीक पत्रकारिता करनी चाहिए। आज डिजिटल युग में सोशल मीडिया जैसे अनेक मंच उपलब्ध हैं, जहाँ निष्पक्ष और यथार्थ पत्रकारिता संभव है और उससे आर्थिक आत्मनिर्भरता भी प्राप्त की जा सकती है।
प्रो. सुमन ने ट्रस्ट की भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पड़ोसी देशों के पत्रकारों को सम्मानित करना ट्रस्ट के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बौद्ध धर्म के वैश्विक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध ने शांति, समता, समानता और बंधुत्व का संदेश दिया, जिसे जन-जन तक पहुँचाना आवश्यक है।

पत्रकारिता सदैव चुनौतीपूर्ण रही है : पूजा मोहन पांडे
विशिष्ट अतिथि सुश्री पूजा मोहन पांडे ने कहा कि पत्रकार को हर दौर में गलत के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए। पत्रकारिता सदैव चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन सत्य को सामने लाना ही उसका मूल उद्देश्य है।
पत्रकारिता के नए आयामों को समझने की जरूरत : डॉ. अनिरुद्ध
इंडिया चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अनिरुद्ध ने कहा कि आज पत्रकारिता के अनेक नए आयाम हमारे सामने हैं, जिन्हें समझकर लेखन करना समय की मांग है। उन्होंने अतिथियों का पगड़ी एवं अंगवस्त्र से स्वागत भी किया।
भारतीय उपमहाद्वीप की साझा संस्कृति पर जोर : प्रो. के.पी. सिंह
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. के.पी. सिंह ने भारतीय उपमहाद्वीप की साझा सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार भारत का व्यापार और संस्कृति पश्चिम में यूरोप तक तथा पूर्व में इंडोनेशिया और थाईलैंड तक फैली। बौद्ध धर्म के मानवतावादी संदेश ने इस सांस्कृतिक एकता को आज भी जीवित रखा है।
ये हुए सम्मानित
सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप से दीपेंद्र प्रजापति, शैलेश साहू कनु, अविनाश कुमार गुप्ता, रुद्र सुबुद्धि (नेपाल), राहुल सामंत (श्रीलंका), यूएसपी भंडारा (श्रीलंका), डॉ. ए.के. जयंत (सार्क सदस्य), पूजा मोहन पांडे (न्यूज़ एंकर), अश्वनी कुमार (न्यूज़ एडिटर, वीर अर्जुन), बलवान सिंह, सोहन वीर कैन, के. योगेश, प्रदीप कुमार आर्यन, प्रियंका सिंह, हरि प्रजापति एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. मनोज कुमार कैन शामिल रहे।
कार्यक्रम का सुंदर संचालन डॉ. लवकुश ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनिरुद्ध द्वारा प्रस्तुत किया गया। समारोह में डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. जयंत कुमार, श्री घनश्याम भारती, श्री अविनाश बनर्जी, डॉ. राहुल, सोनवीर, श्री महावीर मेहरा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
