गोण्डा में जजों की अनोखी पहल, ईंधन बचाने के लिए पैदल पहुंचे कचहरी
गोण्डा। प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील का असर अब न्यायपालिका में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को दुर्ग नारायण सिंह सहित जनपद के सभी न्यायिक अधिकारियों ने सरकारी वाहनों का उपयोग न करते हुए पैदल कचहरी पहुंचकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
जिला जज दुर्ग नारायण सिंह अपने आवास से छाता लेकर निकले और लगभग 300 मीटर पैदल चलकर न्यायालय पहुंचे। उनके साथ अर्दली दयाशंकर तिवारी और सुरक्षाकर्मी वीरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। रास्ते में लोगों ने इस पहल को उत्सुकता और सराहना के साथ देखा।

इसी प्रकार अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी अपने आवासों से पैदल चलकर कोर्ट पहुंचने का निर्णय लिया। इस पहल का उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया। जिला जज दुर्ग नारायण सिंह ने कहा कि पेट्रोलियम संसाधनों के संरक्षण और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से न्यायालय परिवार ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि अधिकांश न्यायिक अधिकारियों के आवास कचहरी परिसर के निकट हैं, इसलिए छोटी दूरी के लिए वाहनों का प्रयोग न करने का संकल्प लिया गया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि आगे भी न्यायिक अधिकारी पैदल या साइकिल से कार्यालय आने का प्रयास जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए वाहन की बजाय पैदल या साइकिल का उपयोग करें, जिससे ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।इस पहल में निर्भय प्रकाश, दानिश हसनैन और अमित कुमार सिंह सहित कई अन्य न्यायिक अधिकारी भी पैदल कोर्ट पहुंचे। इस दौरान न्यायालय परिसर में अधिवक्ता, कर्मचारी और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
