कलान्तर कला उत्सव 2026: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, राष्ट्रीय मंच पर हुनर दिखाएंगे उत्तर प्रदेश के छात्र

Kalanatar Art Festival 2026: Online registration begins; students from Uttar Pradesh to showcase their talent on a national platform.
 
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्कूली छात्रों में छिपी कलात्मक प्रतिभा को निखारने और उसे एक राष्ट्रीय पहचान देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। 'कलान्तर कला फाउंडेशन' द्वारा आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित वार्षिक कला उत्सव 'कलान्तर 2026' के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

समग्र शिक्षा (माध्यमिक) के राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी बोर्ड के विभिन्न आयु वर्ग के विद्यार्थियों का इस प्रतियोगिता में ऑनलाइन पंजीकरण कराए जाने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

कला के राष्ट्रीय मंच पर मिलेंगे कई अवसर

संयुक्त शिक्षा निदेशक (लखनऊ मण्डल) कार्यालय के मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने इस राष्ट्रीय स्तर के उत्सव की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 'कलान्तर 2026' के तहत विद्यार्थियों को पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग (मिट्टी की कलाकृतियां), सृजनात्मक लेखन, गायन, नृत्य, नाटक और नुक्कड़ नाटक जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

प्रतियोगिता को निष्पक्ष और सुव्यवस्थित रखने के लिए इसे विभिन्न आयु वर्गों में विभाजित किया गया है

  • पेंटिंग एवं क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता

    • प्रथम वर्ग: 10 से 14 वर्ष तक के विद्यार्थी

    • द्वितीय वर्ग: 14 से 18 वर्ष तक के विद्यार्थी

  • सृजनात्मक लेखन (Creative Writing): केवल 14 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के छात्र-छात्राएं।

  • सांस्कृतिक विधाएं (गायन, नृत्य, नाटक व नुक्कड़ नाटक): 18 वर्ष से कम आयु के सभी विद्यार्थी इसमें भाग ले सकते हैं।

15 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा पोर्टल

डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इच्छुक विद्यार्थी या विद्यालय प्रबंधन आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  • पंजीकरण के लिए आधिकारिक वेबसाइट: https://kalantarart.org/

  • ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 15 अगस्त 2026

लखनऊ मण्डल के स्कूलों को मिले निर्देश

सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए लखनऊ मण्डल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने भी कमर कस ली है। उन्होंने मण्डल के अंतर्गत आने वाले सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र के सभी मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में इस सूचना को प्रसारित करें।

उन्होंने स्कूलों से अपील की है कि वे अपनी संस्थाओं से अधिक से कम उम्र के पात्र और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का समय रहते पंजीकरण सुनिश्चित कराएं, ताकि उत्तर प्रदेश के मेधावी बच्चे राष्ट्रीय पटल पर राज्य का नाम रोशन कर सकें।

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