Kanpur-Lucknow Expressway Slippage Action: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे धंसने पर NHAI का बड़ा एक्शन, अधिकारियों और कंपनियों पर गिरी गाज, टोल वसूली रोकी गई

Action Taken Over Kanpur-Lucknow Expressway Subsidence: NHAI takes major action following the sinking of the Kanpur-Lucknow Expressway; officials and companies face the brunt, and toll collection has been halted.
 
Kanpur-Lucknow Expressway Slippage Action: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे धंसने पर NHAI का बड़ा एक्शन, अधिकारियों और कंपनियों पर गिरी गाज, टोल वसूली रोकी गई

NHAI Action on Kanpur Lucknow Expressway: कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता से समझौते के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 64 के पास हुए सड़क धंसाव (Slippage) के बाद NHAI ने रियायतग्राही (Concessionaire), स्वतंत्र इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जब तक इस प्रभावित हिस्से की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक के लिए टोल संग्रह (Toll Collection) को निलंबित कर दिया गया है। टोल से होने वाले नुकसान की भरपाई निर्माण एजेंसी से की जाएगी।

पीएनसी इंफ्राटेक को नोटिस

एनएचएआई ने परियोजना के रियायतग्राही पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं में भाग लेने से अयोग्य घोषित करने के प्रस्ताव के साथ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निष्पादन सुरक्षा राशि के दो प्रतिशत तक जुर्माना लगाने, जिम्मेदार अधिकारियों को अधिकतम तीन वर्ष तक डिबार करने तथा कंपनी की रेटिंग घटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

एनएचएआई ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह लगभग 3 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रभावित हिस्से का पूरा सुधार कार्य अपने खर्च पर कराएगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

अधिकारियों पर भी कार्रवाई

परियोजना की निगरानी में लापरवाही के आरोप में निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार तथा रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया गया है। तीनों को दो वर्षों तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है, जबकि पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया और वर्तमान परियोजना निदेशक के खिलाफ भी कथित लापरवाही को लेकर आरोप-पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

स्वतंत्र अभियंता पर भी कार्रवाई

परियोजना की स्वतंत्र अभियंता संस्था थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं से प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव के साथ नोटिस जारी किया गया है।

तकनीकी जांच होगी

एक्सप्रेसवे की पूरी पेवमेंट स्थिति का आकलन लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से किया जाएगा। वहीं, आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर के. एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की समिति धंसाव के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच करेगी और आवश्यक सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करेगी।

मरम्मत तक टोल नहीं

एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे पर पूर्ण सुधार कार्य पूरा होने तक टोल वसूली स्थगित रहेगी। इस अवधि में यात्रियों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि टोल से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई रियायतग्राही कंपनी से की जाएगी। एनएचएआई ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही के सर्वोच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए वह प्रतिबद्ध है।

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