कन्या' रूपेण संस्थिता: ज्ञान दीप चैरिटेबल ट्रस्ट में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ कन्या पूजन एवं विशाल भोज

'Kanya' Rupena Samsthita: Kanya Pujan and a Grand Feast Concluded with Reverence and Joy at the Gyan Deep Charitable Trust.
 
u8gyuy

लखनऊ | 28 मार्च 2026

"!या देवी सर्वभूतेषु 'कन्या' रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः!!"

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत संचालित संस्था Gyan Deep Charitable Trust (लखनऊ) के प्रशिक्षण केंद्र पर भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। संस्था के निदेशक इ. पी कुमार यादव एवं समस्त स्टाफ द्वारा माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की प्रतीक कन्याओं का विधिवत पूजन कर सात्विक भोज का आयोजन किया गया।

हवन-पूजन से गुंजायमान हुआ केंद्र

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात, देवी स्वरूपा नन्हीं कन्याओं के चरणों का प्रक्षालन कर उन्हें तिलक लगाया गया और चुनरी ओढ़ाकर आरती उतारी गई। आत्मीयता और स्नेह के साथ कन्याओं को भोज ग्रहण कराया गया और उपहार स्वरूप शिक्षण सामग्री एवं अन्य वस्तुओं का वितरण किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

इस अवसर पर प्रशिक्षण केंद्र के बच्चों द्वारा माँ दुर्गा की महिमा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सुंदर प्रस्तुतीकरण किया गया। भजनों और लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

निदेशक इ. पी कुमार यादव ने कहा कि ये कन्याएं साक्षात देवी का स्वरूप हैं और इनकी सेवा से मिलने वाली आत्मिक शांति और ऊर्जा अतुलनीय है। उन्होंने माँ जगदम्बा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में संस्था के प्रोजेक्ट हेड इ. प्रवीण कुमार प्रजापति, सेंटर मैनेजर संतोष मौर्य सहित समस्त स्टाफ सदस्यों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • अंशुल, शिवानी, दीपक, शिप्रा, खुशबू, आयुष, अशोक, नेहा, अन्नू, आलोक और अनूप उपस्थित रहे।

 कौशल विकास के साथ-साथ संस्कारों और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का यह प्रयास सराहनीय है। 'जय माता दी' के जयकारों के साथ संपन्न हुए इस आयोजन ने प्रशिक्षण केंद्र के वातावरण को सकारात्मकता और उल्लास से भर दिया।

Tags