Kargil Vijay Diwas 2026: हरदोई में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने मनाया कारगिल विजय दिवस, दीप जलाकर अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
हरदोई / लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय): अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, हरदोई द्वारा वर्ष 1999 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और शौर्य को नमन करते हुए कारगिल विजय दिवस अत्यंत गौरव और देशभक्ति के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर 'ऑपरेशन विजय' के दौरान टाइगर हिल, तोलोलिंग और पॉइंट 4875 जैसी दुर्गम चोटियों पर पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर तिरंगा फहराने वाले भारतीय सेना के जांबाज नायकों को याद किया गया। उपस्थित जनसमूह ने मोमबत्तियां जलाकर, पुष्पचक्र अर्पित कर और दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
'धन्य हैं वे माएं जिन्होंने ऐसे शूरवीरों को जन्म दिया'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अवध प्रांत सचिव राहुल सिंह फौजी ने कहा कि धन्य हैं वे माएं जिन्होंने ऐसे वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने भारत माता की आन-बान और शान के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी।
समारोह में भाजपा महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती अलका गुप्ता एवं आशुतोष जी ने दीप प्रज्वलित कर और पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। वहीं, परिषद की मातृशक्ति जिलाध्यक्ष श्रीमती रेखा सिंह और जिलाध्यक्ष अवशेष कुमार सिंह ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर वीरों को नमन किया।
पूर्व सैनिकों ने साझा किए युद्ध के संस्मरण
कार्यक्रम के दौरान सेना के कैप्टन राजेंद्र सिंह, कैप्टन शिवबीर सिंह चौहान, एम.पी. सिंह, जे.बी. सिंह और गया प्रसाद फौजी ने 1999 के कारगिल युद्ध के रोमांचक व चुनौतीपूर्ण संस्मरण साझा किए और युवाओं को सेना के शौर्यगाथा की जानकारी दी।
युवाओं ने ली देश रक्षा की शपथ
संगठन द्वारा संचालित हरदोई डिफेंस एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के फिजिकल ट्रेनर पुनीत सिंह चंदेल और सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने भी अमर शहीदों को नमन किया। युवाओं ने एक स्वर में सदैव देश की रक्षा करने और भारत माता के सम्मान को अक्षुण्ण रखने की शपथ ली।
इस गरिमामयी अवसर पर के.पी. सिंह, संजय विक्रम सिंह, चक्र सुदर्शन सिंह, राम सिंह, सर्वेश सिंह, अमित सिंह, अमित पाल, गोरखनाथ सहित जिले के अनेक पूर्व सैनिक, मातृशक्ति और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरा प्रांगण "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
