प्रयागराज के कसारी-मसारी को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित करने का ऐलान, CM योगी ने 602 आवासों का किया भूमि पूजन
अतीक अहमद से जुड़ी जमीन पर गरीबों के लिए बनेंगे घर, प्रस्तावित टाउनशिप में बाजार, पार्क, स्पोर्ट्स और जिम की भी मिलेगी सुविधा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री ने यहां माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों से मुक्त कराई गई जमीन पर आम लोगों के लिए 602 आवासों के निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सरकार की योजना के तहत इस क्षेत्र को आवासीय सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कसारी-मसारी में विकसित होने वाली आवासीय टाउनशिप ‘श्रीकृष्णपुरी’ का हिस्सा होगी। उन्होंने इसे विकास और बदलाव की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि आने वाले समय में यह क्षेत्र नई पहचान के साथ आगे बढ़ेगा।
गरीबों को मिलेंगे आवास, विकसित होंगी बुनियादी सुविधाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 15 बीघा जमीन पर पहले अतीक अहमद और उसके सहयोगियों का कब्जा था। वहां कथित तौर पर अस्तबल बनाया गया था। कार्रवाई के बाद जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया और अब इस पर गरीब परिवारों के लिए आवास बनाए जाएंगे।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, प्रस्तावित श्रीकृष्णपुरी में बाजार, पार्क, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
बोले योगी—माफियागिरी के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा की सरकार में माफिया और बदमाशों को बढ़ावा मिलता था, जबकि भाजपा सरकार विकास और बदलाव पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के गरीबों और विभिन्न जातियों के लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज में माफियागिरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पहचान और सुशासन के मुद्दे पर भी बोले मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीकृष्णपुरी में आवासों के साथ नागरिक सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हो रही प्रगति को सुरक्षा और सुशासन से जोड़ते हुए समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले प्रदेश के लोगों के सामने पहचान का संकट था, जबकि वर्तमान सरकार में विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
कसारी-मसारी को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित करने की घोषणा के साथ इस परियोजना को जमीन के पुनः उपयोग, आवास निर्माण और शहरी सुविधाओं के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, परियोजना के क्रियान्वयन, आवास आवंटन और सुविधाओं के पूरा होने की समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने आने पर ही स्पष्ट होगी।
