Kasganj News: कासगंज में 'बारूद के ढेर' पर ग्राम धनाकर; माता मंदिर की जमीन पर दबंगों का अवैध कब्जा, रोष में ग्रामीण, CM से मिलेंगे रिटायर्ड SI

Kasganj News: Village Dhanakar sitting on a 'powder keg'; strongmen have illegally encroached upon land belonging to the Mata temple; villagers are outraged, and a retired Sub-Inspector plans to meet the Chief Minister.
 
Kasganj News: कासगंज में 'बारूद के ढेर' पर ग्राम धनाकर; माता मंदिर की जमीन पर दबंगों का अवैध कब्जा, रोष में ग्रामीण, CM से मिलेंगे रिटायर्ड SI

कासगंज (16 जून 2026): उत्तर प्रदेश सरकार की भू-माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति को कासगंज जनपद में स्थानीय प्रशासन की कथित अनदेखी के कारण बड़ा झटका लगता दिख रहा है। मामला पटियाली तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा जासमई के ग्राम धनाकर से सामने आया है। यहां स्थित ऐतिहासिक गमा देवी माता के मंदिर की जमीन पर गांव के ही कुछ नामजद दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

आरोप है कि तहसील के राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कथित मिलीभगत के चलते शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

पुरखों के समय से आस्था का केंद्र है गमा देवी मंदिर

प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम धनाकर के निवासी और पुलिस विभाग से अवकाश प्राप्त सब इंस्पेक्टर (रिटायर्ड एसआई) शेर सिंह सोलंकी ने शासन-प्रशासन को इस संबंध में एक विस्तृत शिकायती पत्र भेजा है। शिकायत के मुताबिक, गांव के गाटा संख्या 198 में गमा देवी माता का प्राचीन मंदिर स्थापित है। इस स्थान पर पुरखों के समय से ही तमाम धार्मिक आयोजन और पूजा-पाठ निर्बाध रूप से होते चले आ रहे हैं।

गुंडई के बल पर रात में भी कब्जे का प्रयास, तीन सगे भाइयों पर आरोप

शिकायतकर्ता और ग्रामवासियों का आरोप है कि गांव के ही दबंग और रसूखदार प्रवृत्ति के तीन सगे भाई—सुदेश, अवधेश और अरविंद (पुत्रगण स्वर्गीय उदयवीर सिंह) गुंडई और बल के दम पर मंदिर परिसर को निशाना बना रहे हैं। ये लोग मंदिर की जमीन और उसके पास-पड़ोस की भूमि, जो सरकारी अभिलेखों में 'ढाका' के नाम से दर्ज है, उस पर जबरन मिट्टी डालकर अवैध अतिक्रमण (कब्जा) कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि ये लोग इतने बेखौफ हैं कि दिन के साथ-साथ रात के अंधेरे में भी अवैध कब्जे की फिराक में रहते हैं और विरोध करने पर लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।

चौखट-चौखट भटके ग्रामीण; तहसील और पुलिस मौन

रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर शेर सिंह सोलंकी और अन्य ग्रामीणों ने इस अवैध कब्जे को रुकवाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस मामले की लिखित और मौखिक शिकायतें निम्नलिखित उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी हैं:

  • माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार (लखनऊ)

  • माननीय आयुक्त, अलीगढ़ मंडल (अलीगढ़)

  • जिला अधिकारी महोदय (कासगंज)

  • उप जिला अधिकारी/एसडीएम (पटियाली)

  • स्थानीय थाना एवं पुलिस प्रशासन

हैरानी की बात यह है कि इतनी जगहों पर शिकायत दर्ज होने और स्थानीय पुलिस व तहसील प्रशासन को समय-समय पर सूचित करने के बावजूद, आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई दंडात्मक या निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस चुप्पी के कारण दबंगों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।

कभी भी हो सकता है बड़ा विस्फोट: बारूद के ढेर पर गांव

प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण ग्राम धनाकर के स्थानीय निवासियों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति गहरा असंतोष और आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस भूमि विवाद के कारण गांव में तनाव चरम पर पहुंच चुका है। वर्तमान में पूरा गांव 'बारूद के ढेर' पर बैठा हुआ है, जहां कभी भी दो पक्षों के बीच हिंसक टकराव का विस्फोट हो सकता है। यदि समय रहते जिला प्रशासन ने दखल नहीं दिया, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।

"अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर खोलूंगा स्थानीय भ्रष्टाचार की पोल"

हमारे संवाददाता से विशेष बातचीत करते हुए शिकायतकर्ता और रिटायर्ड एसआई शेर सिंह सोलंकी ने बताया कि उनके पास मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, अपर आयुक्त अलीगढ़ मंडल और स्थानीय अधिकारियों से फोन पर हुई वार्ता व शिकायती पत्रों के सारे अकाट्य सबूत (एविडेंस) मौजूद हैं। इसके बावजूद प्रशासन का हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहना पटियाली तहसील और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली को संदिग्ध और भ्रष्टाचार के घेरे में खड़ा करता है।

शेर सिंह सोलंकी ने आगे बताया कि स्थानीय स्तर पर न्याय की उम्मीद पूरी तरह टूट चुकी है। इसलिए अब उन्होंने लखनऊ जाकर सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मुलाकात करने का मन बना लिया है। वे मुख्यमंत्री को पटियाली तहसील और पुलिस तंत्र की ढुलमुल व कथित भ्रष्टाचारी कार्यशैली से अवगत कराएंगे और माता के मंदिर की पवित्र भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए सख्त विधिक कार्रवाई की मांग करेंगे।

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