कश्मीरी हिंदुओं को अब तक नहीं मिला न्याय और सम्मानजनक पुनर्वास: डॉ. अजय चरंगू
डॉ. चरंगू ने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं की अपने मूल निवास स्थान कश्मीर में सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी वापसी आज भी एक अधूरा लक्ष्य बनी हुई है। उन्होंने इस विषय पर विस्तार से अपने विचार रखते हुए कहा कि विस्थापित समुदाय की पीड़ा और उनके अधिकारों को लेकर अभी तक अपेक्षित न्याय नहीं मिल पाया है।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार को आधिकारिक रूप से मान्यता दी जाए तथा इस ऐतिहासिक अन्याय के समाधान के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाएं। उनके अनुसार, न्यायपूर्ण पुनर्वास और सुरक्षित वापसी के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान कश्मीरी हिंदू कल्चर सोसाइटी के अध्यक्ष रमेश मट्टू ने डॉ. अजय चरंगू का स्वागत किया और उनके विचारों को समुदाय के लिए महत्वपूर्ण बताया। चर्चा में उपस्थित लोगों ने भी कश्मीरी हिंदुओं के पुनर्वास, सुरक्षा और न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम का उद्देश्य कश्मीरी हिंदुओं के विस्थापन, पुनर्वास और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना तथा समाधान की दिशा में सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करना था।
