कायस्थ पाठशाला चुनाव विवाद: सहायक निबंधक प्रयागराज के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन, रजिस्ट्रार को सौंपा ज्ञापन

Kayastha Pathshala Election Dispute: Protest Held in Lucknow Against Assistant Registrar of Prayagraj; Memorandum Submitted to Registrar
 
jopo
लखनऊ | 6 अप्रैल, 2026: प्रयागराज की प्रतिष्ठित संस्था कायस्थ पाठशाला (के.पी. ट्रस्ट) के चुनाव परिणामों को लेकर चल रहा विवाद अब राजधानी लखनऊ तक पहुँच गया है। सोमवार को कायस्थ पाठशाला लखनऊ के पदाधिकारियों और न्यासधारियों ने सहायक निबंधक (सोसायटी) प्रयागराज की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए निबंधक, उत्तर प्रदेश सोसायटी एवं चिटफंड (विकासदीप, लखनऊ) को एक विरोध ज्ञापन सौंपा।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की जड़ 25 दिसंबर 2023 को हुए के.पी. ट्रस्ट के चुनाव हैं।

  • मूल परिणाम: चुनाव में डॉ. सुशील सिन्हा को 18 मतों से विजयी घोषित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण कर कई जन-कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की।

  • साजिश का आरोप: ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पराजित गुट ने साजिश रचकर स्थानीय स्तर पर अवरोध उत्पन्न किए। इसके बाद सहायक निबंधक प्रयागराज ने प्रकरण को धारा 25 के अंतर्गत एसडीएम प्रयागराज को संदर्भित कर दिया, जहाँ यह मामला एक वर्ष तक लंबित रहा।

  • पुनर्मतगणना पर विवाद: आरोप है कि बाद में 'अनुचित प्रलोभन' के चलते एसडीएम द्वारा पुनर्मतगणना का निर्णय लिया गया, जिसमें विजयी अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा को पराजित दिखाकर चौधरी राघवेंद्र सिंह के पक्ष में निर्णय दे दिया गया।

संवैधानिक मर्यादाओं के उल्लंघन का दावा

लखनऊ में प्रेषित ज्ञापन में न्यासधारियों ने इस पूरी प्रक्रिया को नियमतः असंवैधानिक और मिथ्यापूर्ण करार दिया है। उनका कहना है कि प्रयागराज में पूर्व में दिए गए विरोध ज्ञापन पर कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण अब राज्य स्तर पर रजिस्ट्रार के समक्ष गुहार लगाई गई है।

लखनऊ में प्रमुख उपस्थिति

विकासदीप स्थित कार्यालय पर यह ज्ञापन मेम्बर इंचार्ज आनंद प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान समाज के कई गणमान्य और न्यासधारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:

  • शेखर कुमार (प्रवक्ता)

  • अरुण श्रीवास्तव (सलाहकार)

  • मयंक श्रीवास्तव (अभाकम प्रदेश अध्यक्ष)

  • नरेश प्रधान (मीडिया प्रभारी)

  • एस.के. श्रीवास्तव (पूर्व प्रभारी प्रशासन)

  • सुनील श्रीवास्तव (आर्किटेक्ट), अजय दीप श्रीवास्तव, विकास सक्सेना और शारदा प्रसाद श्रीवास्तव।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि प्रयागराज सहायक निबंधक के कार्यालय द्वारा किए गए इस 'कुचक्र' की उच्च स्तरीय जांच हो और लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा के साथ न्याय किया जाए।

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