KGMU News: केजीएमयू के आर्थोपेडिक विभाग में गूंजा 'जय बजरंगबली' का उद्घोष; छठे बड़े मंगल पर बंटा भव्य प्रसाद, उमड़े श्रद्धालु

KGMU News: Chants of 'Jai Bajrangbali' echoed through KGMU's Orthopedics Department; grand *Prasad* was distributed on the sixth 'Bada Mangal' as devotees flocked to the venue.
 
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लखनऊ, 09 जून 2026:

राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर 'बड़े मंगल' के पावन पर्व पर चिकित्सा जगत भी पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल के उपलक्ष्य में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग में आठवें (अष्टम) विशाल भंडारे का अत्यंत भव्य और गरिमामयी आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के चलते पूरा विभाग प्रभु श्री राम और संकटमोचन हनुमान जी के जयकारों से गुंजायमान रहा।

पूजा-अर्चना के साथ हुआ प्रसाद वितरण का शुभारंभ

इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन की शुरुआत आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष (Head of Department) डॉ. आशीष कुमार एवं डॉ. कुमार शांतनु द्वारा विधि-विधान से की गई। दोनों वरिष्ठ डॉक्टरों ने सबसे पहले बजरंगबली की पूजा-अर्चना और विशेष आरती की, जिसके बाद उपस्थित जनसमुदाय और मरीजों के तीमारदारों के लिए महाप्रसाद वितरण का शुभारंभ किया गया।

यह पूरा कार्यक्रम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के आपसी सहयोग व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य भूमिका पवन गर्ग और उनके सहयोगियों ने निभाई।

‘जय श्रीराम’ और ‘जय बजरंगबली’ के उद्घोष से भक्तिमय हुआ वातावरण

मंगलवार दोपहर 1:00 बजे से शुरू हुआ यह भंडारा प्रभु का प्रसाद समाप्त होने तक अनवरत रूप से चलता रहा। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं, मरीजों के परिजनों, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने सपरिवार पहुंचकर लाइन में लगकर प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ अर्जित किया।

पूरे आयोजन के दौरान ‘जय श्रीराम’ और ‘जय बजरंगबली’ के गगनभेदी नारों से केजीएमयू का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और ऊर्जावान बना रहा। विभाग के समस्त पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने इस दौरान अग्रिम मोर्चे पर रहकर सेवादार की भूमिका निभाई।

बेहतर व्यवस्थाओं के बीच सामाजिक समरसता की मिसाल

चूंकि आयोजन चिकित्सा संस्थान परिसर के भीतर था, इसलिए आयोजकों द्वारा सुचारू व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद के साथ-साथ शुद्ध शीतल जल और बैठने की समुचित एवं आरामदायक व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी भी मरीज या राहगीर को असुविधा न हो।

कार्यक्रम के सफल समापन पर आयोजक मंडल ने केजीएमयू प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और सभी आगंतुकों का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस आयोजन को सामाजिक समरसता, सेवा भावना और धार्मिक एकता का एक अनूठा प्रतीक बताया, जहाँ जाति-पांत का भेद भूलकर समाज के हर वर्ग ने एक साथ मिलकर प्रसाद ग्रहण किया।

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