खादी महोत्सव-2025 में सांस्कृतिक संध्या की धूम, बिक्री 1 करोड़ के पार

योगी सरकार की स्वदेशी व स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल को जनता का भरपूर समर्थन
 
खादी महोत्सव-2025 में सांस्कृतिक संध्या की धूम, बिक्री 1 करोड़ के पार

लखनऊ  नवंबर 2025  केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमती नगर, लखनऊ में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित खादी महोत्सव-2025 ने गुरुवार को एक और उपलब्धि हासिल की। सातवें दिन की सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को सुर, ताल और कविता की मोहक धारा में डुबो दिया। स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में बिक्री का आंकड़ा 1.28 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है, जो उद्यमियों में बढ़ते उत्साह का संकेत है।

160+ स्टॉल में उत्तर प्रदेश की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प की झलक

राज्य के विभिन्न जिलों से आए कारीगरों और उद्यमियों ने अपने विशेष उत्पादों के साथ महोत्सव को समृद्ध बनाया है। प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं—

  • कानपुर — लेदर उत्पाद

  • कन्नौज — इत्र और अगरबत्ती

  • भदोही — कारपेट

  • प्रतापगढ़ — आंवला व मुरब्बा

  • अमरोहा — गमछा और सदरी

  • सीतापुर — दरी व तौलिये

  • मऊ — पर्दे व अन्य उत्पाद

योगी सरकार की ओर से स्थानीय इकाइयों को प्रोत्साहन, ऑनलाइन मार्केटिंग में सहयोग और स्वदेशी उत्पादों को बड़े मंच पर लाने की पहल ने इन उद्यमियों के लिए नए अवसरों का मार्ग खोला है।

कवि सम्मेलन बना सांस्कृतिक संध्या का आकर्षण

गुरुवार की शाम का सबसे बड़ा आकर्षण रहा कवि सम्मेलन, जिसने सभागार को तालियों की गूंज से भर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद आमंत्रित कवियों का सम्मान अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।

कार्यक्रम में शामिल रहे—

  • डॉ. हरिओम (IAS)

  • डॉ. सुरेश श्रीवास्तव

  • दमदार बनारसी

  • डॉ. सरला शर्मा

  • हरि मोहन बाजपेई ‘माधव’

  • अमरेन्द्र द्विवेदी

  • संचालन: नीरज पांडेय

वाराणसी के हास्य कवि दमदार बनारसी ने अपनी चुटीली पंक्तियों से सभी को खूब आनंदित किया, जबकि डॉ. सरला शर्मा की वंदना से सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत आध्यात्मिक वातावरण से हुई। कार्यक्रम भर में गीत, ग़ज़ल और कविताओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा।

उद्यमियों में उत्साह, ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ को नई रफ्तार

दूरदराज के क्षेत्रों से आए हस्तशिल्पियों और उद्यमियों ने बताया कि महोत्सव में लगातार बढ़ती बिक्री से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। ऐसे आयोजन न सिर्फ स्थानीय कारीगरों को मंच देते हैं, बल्कि योगी सरकार की आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की संकल्पना को भी मजबूत करते हैं।

30 नवंबर तक चलेगा आयोजन

महोत्सव का आयोजन 30 नवंबर 2025 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक जारी रहेगा, जहां आगंतुक खादी, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की अनोखी दुनिया का अनुभव कर सकेंगे।

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