खालाबाजार के डॉक्टरों ने पेश की मानवता की मिसाल: निर्धन कन्या के विवाह के लिए दान की गृहस्थी की वस्तुएं
संघर्षों के बीच पली-बढ़ी दीपाली और साहिल का मिलन
जलालपुर कुटी निवासी दीपाली वर्मा, जिनके सिर से बचपन में ही माता-पिता का साया उठ गया था, अपनी बुआ गुड़िया के साथ रहती हैं। उनकी बुआ ने एक छोटी सी परचून की दुकान चलाकर दीपाली का पालन-पोषण किया है। वहीं, वर पक्ष के साहिल राजपूत (मोहिनपुरवा निवासी) का जीवन भी संघर्षपूर्ण रहा। साहिल ने पिता के निधन के बाद पढ़ाई के साथ-साथ होजरी कारखाने और कैटरिंग में काम कर अपनी माँ का सहारा बने।
समाज और चिकित्सकों का साझा 'संकल्प'
दीपाली और साहिल की आर्थिक स्थिति को देखते हुए रस्तोगी स्वास्थ्य परामर्श केन्द्र समिति, हरिश्चन्द्र वंशीय समाज की महिला समिति 'सुहासिनी', केन्द्र के चिकित्सकों और स्टाफ ने मिलकर इस विवाह को यादगार बनाने का जिम्मा उठाया।
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गृहस्थी का सामान: रविवार को संकल्प कार्यक्रम के दौरान परिजनों को गृहस्थी की आवश्यक वस्तुएं भेंट की गईं।
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पूर्ण जिम्मेदारी: विवाह स्थल (स्व. श्री बेनी राम बाबू राम स्मृति भवन) से लेकर खान-पान तक की पूरी व्यवस्था समिति द्वारा की जा रही है।
सेवा कार्यों में अग्रणी हरिश्चन्द्र वंशीय समाज
समिति के संरक्षक हरी जीवन रस्तोगी ने बताया कि लखनऊ हरिश्चन्द्र वंशीय समाज पिछले कई वर्षों से शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से न केवल एक परिवार को सहारा मिलता है, बल्कि समाज में एकजुटता का संदेश भी जाता है।
सोमवार को होगी विदाई
विवाह कार्यक्रम सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू होगा, जिसमें समाज के कई पदाधिकारी और समाजसेवी वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुँचेंगे। शाम को कन्या की विदाई के साथ इस पुनीत कार्य का समापन होगा।
