India@2047 यूथ कॉन्क्लेव: किरेन रिजिजू का बड़ा बयान, मुस्लिम वोट, राहुल गांधी से रिश्ते और बजट 2026 पर खुलकर चर्चा

 
 Kiren Rijiju EXPOSES: Why Muslims Don't Vote for BJP? Rahul Gandhi Gym Invite & Nitin Nabin Revealed!

ABP नेटवर्क के इंडिया@2047 यूथ कॉन्क्लेव , जो 20 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित हुआ। इस मंच पर राजनीति, नीति, युवा और देश के भविष्य को लेकर कई अहम बातें हुईं, लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा में रहे केंद्रीय मंत्री और BJP नेता किरेन रिजिजू। उन्होंने खुलकर बताया कि मुसलमान BJP को वोट क्यों नहीं देते, राहुल गांधी के साथ उनका रिश्ता कैसा है, BJP के नए प्रेसिडेंट नितिन नबीन को लेकर क्या सोच है और आने वाले बजट 2026 से क्या उम्मीदें हैं। ये वीडियो आखिर तक देखना बनता है, क्योंकि यहां बयान भी हैं और संकेत भी।

सबसे पहले बात करते हैं कि किरेन रिजिजू आखिर हैं कौन। वो अरुणाचल प्रदेश से सांसद हैं और इस समय मिनिस्टर ऑफ पार्लियामेंट्री अफेयर्स और माइनॉरिटी अफेयर्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वो देश के कानून मंत्री भी रह चुके हैं। रिजिजू अपनी फिटनेस और एनर्जी के लिए जाने जाते हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर वर्कआउट वीडियो डालते रहते हैं। इंडिया@2047 कॉन्क्लेव में इस बार थीम थी – “Youth Power: Igniting Minds for Viksit Bharat”, जहां उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

ये कॉन्क्लेव सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं था। यहां राजनीति, खेल, सिनेमा और बिजनेस से जुड़े कई बड़े नाम शामिल हुए। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से लेकर एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह तक, कई स्पीकर्स ने युवाओं से सीधे संवाद किया। किरेन रिजिजू इस इवेंट के शुरुआती स्पीकर्स में थे, जिससे साफ था कि सरकार युवाओं को 2047 के विकसित भारत के रोडमैप से जोड़ना चाहती है।

अब बात करते हैं BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की, जिस पर रिजिजू ने खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि BJP में अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया बेहद सख्त और नियमों से बंधी होती है। हर नॉमिनेशन को पार्टी के संविधान के मुताबिक जांचा जाता है और अंतिम मंजूरी शीर्ष नेतृत्व से होती है। रिजिजू के मुताबिक, कई लोग इस पद के दावेदार होते हैं, लेकिन जिम्मेदारी उसी को मिलती है जो पार्टी की कसौटी पर खरा उतरता है।

रिजिजू ने साफ कहा कि पार्टी इस समय युवा नेतृत्व को आगे लाना चाहती थी, और इसी सोच के तहत नितिन नबीन का नाम सामने आया। जब उनसे मज़ाक में पूछा गया कि आप खुद युवा हैं, तो वो हंसते हुए बोले, “मैं अब इतना युवा नहीं रहा।” नितिन नबीन की नियुक्ति को BJP में एक जनरेशनल शिफ्ट के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर पूर्वी भारत और दक्षिणी राज्यों में पार्टी को मजबूत करने की रणनीति के रूप में।

इसके बाद चर्चा हुई राहुल गांधी की, और यहां माहौल थोड़ा हल्का हो गया। रिजिजू ने बताया कि संसद परिसर में एक बार उन्होंने राहुल गांधी से मज़ाक में पूछा कि आपको ठंड नहीं लगती क्या। जवाब में राहुल गांधी ने कहा – “व्यायाम करो।” इसके बाद राहुल ने उन्हें घर पर जिम करने का ऑफर दिया, लेकिन वो सिर्फ एक मज़ाक था। रिजिजू ने हंसते हुए कहा कि अगर वो रोज़ नेता प्रतिपक्ष के घर जाने लगें, तो लोग गलत मतलब निकालेंगे। ये किस्सा बताता है कि सियासी प्रतिद्वंद्विता के बावजूद निजी स्तर पर संवाद और हल्के पल मौजूद हैं।

अब आते हैं बजट 2026 पर। रिजिजू ने कहा कि आने वाला संसद सत्र पूरी तरह से डेडिकेटेड और फोकस्ड होगा। 28 जनवरी को राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा और 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि हंगामे की बजाय चर्चा हो, क्योंकि देश का समय और संसाधन कीमती हैं। माना जा रहा है कि इस बजट में ग्रोथ, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, MSME और टेक्नोलॉजी पर खास फोकस रहेगा।

सबसे ज़्यादा चर्चा में रहा रिजिजू का बयान कि मुसलमान BJP को वोट क्यों नहीं देते। उन्होंने कहा कि सालों से एक नैरेटिव बनाया गया कि BJP मुस्लिम विरोधी है, और यही बात दिमाग में बैठा दी गई। रिजिजू का दावा है कि सरकार की हर योजना – चाहे वो राशन हो, आवास हो या स्वास्थ्य – मुसलमानों तक भी बराबरी से पहुंच रही है। हज और उमराह यात्रा को आसान बनाने जैसे फैसलों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि फिर भी वोट न मिलना एक बड़ा सवाल है।

रिजिजू ने ये भी कहा कि मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना बंद होना चाहिए। उनके मुताबिक भारत में मुसलमानों को पूरा संवैधानिक अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता है। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि BJP के कुछ नेताओं के बयानों से मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। यही वजह है कि ये मुद्दा अब भी बहस का विषय बना हुआ है।

दोस्तों, इंडिया@2047 यूथ कॉन्क्लेव ये दिखाता है कि आने वाले सालों में राजनीति का फोकस यूथ, डेवलपमेंट और इनक्लूसिव ग्रोथ पर रहने वाला है। किरेन रिजिजू के बयानों से साफ है कि BJP अपनी इमेज और रणनीति दोनों पर काम कर रही है। अब सवाल आपसे है – क्या आने वाले समय में मुस्लिम वोटर्स का रुख बदलेगा? अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताइए। 

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