कुर्सी रोड महायोजना का विरोध: रोजी-रोटी बचाने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे लखनऊ के व्यापारी
हजारों परिवारों के आशियाने और रोजगार पर संकट
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि महायोजना-2031 के वर्तमान स्वरूप से हजारों लोगों की जीवनभर की पूंजी दांव पर लग गई है। प्रस्तावित चौड़ीकरण के कारण कई बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान, होटल, शिक्षण संस्थान और धार्मिक स्थल पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर हैं।
महायोजना-2031 के तहत प्रस्तावित चौड़ीकरण
प्रस्तावित योजना के अनुसार सड़क की चौड़ाई को अलग-अलग हिस्सों में अत्यधिक बढ़ाने का प्रस्ताव है:
-
टेढ़ी पुलिया से सिकंदरपुर: 45 मीटर
-
सिकंदरपुर से मिश्रपुर: 80 मीटर
-
कॉरपोरेशन बैंक से बसहा: 150 मीटर
-
बसहा से बेहटा: 100 मीटर
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनी कुमार पांडे ने बताया कि इस समस्या से पूर्व में उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव (गृह) को लिखित में अवगत कराया जा चुका है। व्यापारियों का कहना है कि 150 मीटर तक सड़क चौड़ी करने का प्रस्ताव तर्कहीन है, जिससे न केवल व्यापार ठप होगा बल्कि हजारों परिवारों के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो जाएगा।
बैठक में मौजूद प्रमुख व्यक्ति
इस विरोध बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
-
अंजनी कुमार पांडे (राष्ट्रीय अध्यक्ष, संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल)
-
ऋषि त्रिवेदी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखंड आर्यावर्त आर्य महासभा)
-
कमलेश यादव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्रमिक जनशक्ति किसान यूनियन)
-
पंकज तिवारी (अध्यक्ष, जनविकास महासभा)
-
चन्द्रमौलि शुक्ला एवं अन्य उद्यमी जैसे आराधना कुमार और मोहम्मद सलीम।
अगला कदम: दिल्ली या लखनऊ में रक्षामंत्री से भेंट
व्यापारियों ने निर्णय लिया है कि एक विशेष प्रतिनिधिमंडल गठित कर जल्द ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के लखनऊ या दिल्ली स्थित आवास पर उनसे मुलाकात की जाएगी। व्यापारी इस मामले में केंद्र के हस्तक्षेप की मांग करेंगे ताकि विकास और जनहित के बीच संतुलन बना रहे और हजारों लोगों को उजाड़ने से बचाया जा सके।
