सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की प्रतिमा को लेकर कुशवाहा-मौर्य समाज में आक्रोश, 26 वर्ष से स्थापना का इंतजार
अरविंद कुमार कुशवाहा ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के आदेश पर वर्ष 2001 में सरकारी बजट से सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की 9 फीट ऊंची प्रतिमा बनवाई गई थी। उनका कहना है कि प्रतिमा तैयार होने के बावजूद लखनऊ में उपयुक्त पार्क चिन्हित नहीं किए जाने के कारण अब तक इसकी स्थापना नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार बनाने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसके बावजूद भाजपा से जुड़े समाज के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, मंत्रियों और उपमुख्यमंत्री स्तर के नेताओं द्वारा इस विषय को प्रभावी ढंग से सरकार के समक्ष नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा।
कुशवाहा ने चेतावनी दी कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लखनऊ में सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की प्रतिमा स्थापित नहीं की गई तो कुशवाहा, मौर्य, शाक्य और सैनी समाज के लोग इस मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
फाउंडेशन के महासचिव लल्ला मौर्य एडवोकेट ने बताया कि 22 अगस्त को गांधी भवन, लखनऊ में प्रातः 11 बजे स्नेह मिलन एवं प्रबुद्ध वर्ग सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि समारोह के माध्यम से समाज के लोगों से सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की प्रतिमा लखनऊ के किसी उपयुक्त पार्क में स्थापित किए जाने तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया जाएगा।
