केवी इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों को बताए आत्मनिर्भर बनने के तरीके

Students of KV International School were taught ways to become self-reliant.
 
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ऊना। सत्य देव शर्मा सहोड़। स्वदेशी जागरण मंच जिला ऊना की ओर से केवी इंटरनेशनल स्कूल, धुसाड़ा में उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वदेशी, स्वरोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के करीब 75 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक प्रशिक्षक सत्य देव शर्मा सहोड़ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उद्यमिता और स्वरोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित रहने के बजाय अपनी रुचि, कौशल और प्रतिभा को पहचानकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए स्वदेशी जागरण मंच की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की।

जिला प्रचार प्रमुख पंकज सहोड़ ने स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं को प्रोत्साहन देने और स्थानीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने से रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा अपने आसपास मौजूद संसाधनों और संभावनाओं को पहचानने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में सनसाइज एजुकेशन सोसायटी के प्रबंध निदेशक महेंद्र पाल डोगरा ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।


स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने स्वदेशी की अवधारणा और आत्मनिर्भरता के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्थानीय उत्पादों और संसाधनों के उपयोग के साथ स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।


सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों ने स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न सवाल भी विशेषज्ञों के सामने रखे। उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने, उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने और कौशल के आधार पर रोजगार के नए अवसर तलाशने संबंधी जानकारी दी गई।


कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वावलंबन, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और उद्यमिता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया गया।

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