अवधी आराधकों को मिलेगा लखटकिया पुरस्कार, अगली तुलसी जयंती पर तीन नकद सम्मान की घोषणा

गोस्वामी तुलसीदास जयंती पखवाड़ा समारोह का भव्य समापन, 15 अवधी आराधकों को मिला ‘सूबेदार-राजदेवी अवधी सम्मान-2026’
 
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बीकेटी/लखनऊ। अवध भारती संस्थान, उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित गोस्वामी तुलसीदास जयंती पखवाड़ा समारोह का भव्य समापन हुआ। समारोह में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 15 अवधी आराधकों को ‘सूबेदार-राजदेवी अवधी सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अवधी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए तीन विशेष नकद पुरस्कारों की घोषणा भी की गई।

समापन समारोह में गोस्वामी तुलसीदास के व्यक्तित्व, कृतित्व और साहित्यिक योगदान पर वक्ताओं ने विस्तार से विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ कुमार तरल की वाणी वंदना और कुसुम वर्मा के देवीगीत से हुआ। इसके बाद विभिन्न जिलों से पहुंचे अवधी आराधकों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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अवधी साहित्य को प्रोत्साहन देने की पहल

समारोह को लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित, सीतापुर के एमएलसी पवन सिंह चौहान, अवध भारती संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राम बहादुर मिश्र, उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के अध्यक्ष सर्वेश अस्थाना, कला वसुधा के संपादक शाखा बंद्योपाध्याय, काव्य कार्यशाला के अध्यक्ष प्रदीप सारंग तथा कार्यक्रम संयोजक नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि अवधी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि अवध की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और साहित्यिक विरासत की पहचान है। गोस्वामी तुलसीदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय जनमानस और लोकभाषा को व्यापक साहित्यिक प्रतिष्ठा प्रदान की। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अवधी साहित्य और संस्कृति से जोड़ने में मदद मिलेगी।

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अगली तुलसी जयंती पर मिलेंगे तीन बड़े नकद पुरस्कार

समारोह में सामूहिक विचार-विमर्श के बाद अवधी आराधकों के लिए तीन विशेष नकद पुरस्कारों की घोषणा की गई। ये पुरस्कार हर वर्ष तुलसी जयंती के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे।

  • ₹1 लाख का तुलसी सम्मान — एसआर ग्रुप, बीकेटी के चेयरमैन पवन सिंह चौहान की ओर से किसी एक अवधी आराधक को।
  • ₹51 हजार का युवा अवधी सम्मान — प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित की ओर से किसी युवा अवधी आराधक को।
  • ₹51 हजार का महिला अवधी सम्मान — सर्वेश अस्थाना की ओर से किसी महिला अवधी आराधक को।

इन पुरस्कारों का उद्देश्य अवधी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रहे रचनाकारों और साहित्यकारों को प्रोत्साहित करना है।

इन्हें मिला ‘सूबेदार-राजदेवी अवधी सम्मान-2026’

समारोह में प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित, डॉ. राम बहादुर मिश्र, सर्वेश अस्थाना, डॉ. अर्जुन पाण्डेय, सुमोना एस. पाण्डेय, कुसुम वर्मा, नीरजा शुक्ला, डॉ. सुशील कुमार राय, प्रदीप सारंग, नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान, सुनील कुमार वर्मा, रमाकांत तिवारी ‘रामिल’, योगेश चौहान और चेतराम अज्ञानी को ‘सूबेदार-राजदेवी अवधी सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।

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तुलसी यात्रा और तुलसी सभा की भी सराहना

समारोह के दौरान अवध भारती संस्थान की ओर से आयोजित तुलसी यात्रा और तुलसी सभा की भी सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि तुलसीदास जयंती को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखते हुए साहित्य, संस्कृति और लोकभाषा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने अवधी भाषा और साहित्य के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी तक इसकी समृद्ध विरासत पहुंचाने के संकल्प को दोहराया।

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