बाराबंकी में जमीन विवाद से हड़कंप, समाजवादी नेता के करीबी पर अवैध कब्जे और धमकी के आरोप
बाराबंकी। जिले में जमीन विवाद को लेकर एक बार फिर सनसनी फैल गई है। नवाबगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम बड़ेल में जमीन खरीदने वाले तीन व्यक्तियों ने एक समाजवादी नेता के कथित करीबी और उसके साथियों पर अवैध कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ितों की पहचान रामकुमार तिवारी, अफजाल इरशाद किरमानी और मोहम्मद सुफियान के रूप में हुई है। उनका कहना है कि उन्होंने नवंबर माह में विधिवत रजिस्टर्ड बैनामे के माध्यम से उक्त भूमि खरीदी थी और बाद में उसकी बाउंड्री भी कराई गई थी।
पीड़ितों के अनुसार, 16 जनवरी को धर्मेंद्र यादव, राजकुमार यादव, पवन गौतम, लकी यादव, प्रिंस यादव, अर्जुन यादव सहित लगभग 20–25 अज्ञात लोग मौके पर पहुंचे और कथित रूप से बाउंड्री के पिलर तोड़ दिए, तार उखाड़ दिए तथा हथियारों के बल पर जमीन पर कब्जा कर लिया।
पीड़ितों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और कहा गया कि “प्रशासन उनके इशारे पर चलता है” तथा दोबारा जमीन पर आने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
डरे-सहमे पीड़ित अब न्याय की आस में प्रशासन की शरण में पहुंचे हैं। उन्होंने राजस्व विभाग से मामले की जांच कराने, अवैध कब्जा हटवाने और कथित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है—क्या पीड़ितों को न्याय मिलेगा या दबंगों के आगे उनकी आवाज दबकर रह जाएगी?
