हनुमान के कोप से धू-धू कर जली सोने की लंका, रोमांचकारी लीला देख मुग्ध हुए दर्शक

The golden city of Lanka blazed fiercely, set aflame by Hanuman’s wrath; the spectators were spellbound by the thrilling spectacle.
 
sdtgd

गोण्डा। मालवीय नगर स्थित जनपद मुख्यालय की प्राचीन नगर रामलीला में अष्टम दिवस हनुमान जी द्वारा लंका दहन की लीला का भव्य मंचन किया गया। सोने की लंका को धू-धू कर जलते देख दर्शक रोमांचित हो उठे। अयोध्याधाम के हनुमत लीला मंडल के कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण के इस प्रसंग को जीवंत कर दिया।

अशोक वाटिका में सीता से मिले हनुमान

लीला के दौरान हनुमान जी माता सीता की खोज करते हुए लंका पहुंचते हैं और अशोक वाटिका में उनसे भेंट करते हैं। इसके बाद वाटिका में फल खाने के दौरान राक्षसों के साथ हुए युद्ध का हास्यपूर्ण मंचन किया गया, जिसे देखकर दर्शक आनंदित हो उठे।इसके बाद लंका के दरबार में रावण और हनुमान जी के बीच हुए संवाद ने श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया। अंत में हनुमान जी द्वारा लंका विध्वंस और लंका दहन का प्रभावशाली मंचन किया गया।

लंका दहन देख खुशी से झूम उठे बच्चे

लीला कमेटी की ओर से लंका को सुनहरे रंग और आकर्षक झालरों से सजाया गया था। लंका दहन के दौरान पटाखों और फुलझड़ियों से वातावरण उत्साहपूर्ण हो उठा। इस दृश्य को देखकर बच्चे खुशी से झूम उठे और उपस्थित श्रद्धालुओं ने लीला का आनंद लिया।

रामलीला कमेटी ने जताया आभार

कार्यक्रम के समापन पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह एवं लीला संरक्षक अरुण कुमार शुक्ल ने रामलीला में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व भाजपा अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप, संजय तिवारी, धीरेन्द्र प्रताप पाण्डेय, सभासद रामगोपाल साहू, हरीश शुक्ला, राजेश तिवारी, अलंकार सिंह और गोपेश श्रीवास्तव सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

Tags