सिविल अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी और डिजिटल ई-हॉस्पिटल सेवाओं का शुभारंभ

लोहिया संस्थान के समन्वय से न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी और न्यूरोसर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं अब एक ही छत के नीचे

“सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी मॉडल प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी लागू होगा”—ब्रजेश पाठक

 
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लखनऊ, 10 सितंबर 2026। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय, लखनऊ में गुरुवार को स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सालय में डिजिटल ई-हॉस्पिटल व्यवस्था से लैस सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी, न्यूरोसर्जरी वार्ड, न्यूरोसर्जरी ओटी और स्ट्रोक यूनिट का उद्घाटन किया।

यह सुविधा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, गोमतीनगर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय के बीच अंतर-विभागीय समन्वय के तहत शुरू की गई है। इसके माध्यम से सिविल अस्पताल में न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी सहित सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

विशेषज्ञ इलाज के लिए मरीजों को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य आम नागरिकों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि लोहिया संस्थान के सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक सिविल चिकित्सालय में अपनी सेवाएं देंगे। इससे मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में जाने की परेशानी कम होगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित कर सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सेवाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिविल चिकित्सालय का यह मॉडल सफल रहा तो इसे प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी लागू किया जाएगा।

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रेफर मरीजों के लिए अलग पंजीकरण व्यवस्था

सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के लिए रेफर किए जाने वाले मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में अलग पंजीकरण काउंटर बनाया गया है। मरीज घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कर अपना पर्चा बनवा सकेंगे तथा निर्धारित समय और अपॉइंटमेंट स्लॉट प्राप्त कर सकेंगे।

इस व्यवस्था से अस्पताल में अनावश्यक भीड़ और प्रतीक्षा समय कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन से पेपरलेस होगी प्रक्रिया

चिकित्सालय के निदेशक डॉ. जी. पी. गुप्ता ने कहा कि ई-हॉस्पिटल व्यवस्था के तहत मरीज घर से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। चिकित्सकीय परामर्श के बाद उन्हें डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था केवल सॉफ्टवेयर या रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और मरीज की सुविधा को केंद्र में रखना है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चिकित्सालय की अन्य सेवाओं को भी ई-हॉस्पिटल व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

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न्यूरोसर्जरी और स्ट्रोक यूनिट से मरीजों को राहत

नई व्यवस्था के तहत न्यूरोसर्जरी वार्ड, न्यूरोसर्जरी ऑपरेशन थिएटर और स्ट्रोक यूनिट की सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञों की उपलब्धता से गंभीर एवं जटिल मामलों में मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह मिल सकेगी।

स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं: ब्रजेश पाठक

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ में स्वाइन फ्लू को लेकर भी आमजन से सतर्क रहने और अनावश्यक भय से बचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण यदि बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी के तौर पर मास्क का इस्तेमाल करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है।

मरीज केंद्रित सेवाओं पर जोर

अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने चिकित्सालय की मरीज केंद्रित सेवाओं के लिए सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के बढ़ते उपयोग और मरीजों के लिए सुविधाजनक प्रक्रियाओं को महत्वपूर्ण बताया।

उद्घाटन समारोह में श्रीमती ऋतु माहेश्वरी, सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं एमडी, ABDM; डॉ. पवन कुमार अरुण, महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य; डॉ. सी. एम. सिंह, निदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान; डॉ. विक्रम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक; डॉ. एन. बी. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी; डॉ. डी. सी. पांडे, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक; डॉ. एस. आर. सिंह, चिकित्सा अधीक्षक सहित चिकित्सालय के चिकित्सक, फार्मासिस्ट, नर्सिंग अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन सुनील यादव, चीफ फार्मासिस्ट तथा डॉ. अलका निवेदन, उद्घोषिका ने किया।

नई सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी और ई-हॉस्पिटल व्यवस्था को सिविल चिकित्सालय में मरीजों को विशेषज्ञ उपचार, डिजिटल पंजीकरण और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

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