Laxmanpuri Festival 2026: लखनऊ में सजेगी सुर-ताल की महफिल; पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी और विद्या विंदु सिंह समेत कई विभूतियां होंगी सम्मानित
सांस्कृतिक डेस्क, लखनऊ (15 जून 2026):
राजधानी लखनऊ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नवाबी तहज़ीब, कला, साहित्य और लोक परंपराओं को जीवंत करने के लिए आगामी 18 जून 2026 (गुरुवार)को एक भव्य सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। 'अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान', सामाजिक संस्था 'बदलाव : एक कदम शिक्षा की ओर' और 'कला कारवां' के संयुक्त तत्वावधान में "लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल-2026"का शंखनाद किया जाएगा।
यह महोत्सव गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के मुख्य प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) में शाम 4:00 बजे से शुरू होगा, जिसमें कला, साहित्य, रंगमंच और समाज सेवा से जुड़ी देश की जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी।
पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी और विद्या विंदु सिंह को मिलेगा शीर्ष सम्मान
लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल के मुख्य संयोजक सोमनाथ कश्यप ने बताया कि इस महोत्सव के दौरान समाज और कला के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाली कुल 8 अद्वितीय विभूतियों को प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जाएगा:
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लक्ष्मणपुरी गौरव सम्मान: भारतीय सिनेमा व रंगमंच के दिग्गज अभिनेता पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी को इस वर्ष के 'लक्ष्मणपुरी गौरव सम्मान' से विभूषित किया जाएगा। उनके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार, जाने-माने उद्यमी यावर अली शाह और रोटरी क्लब के असिस्टेंट गवर्नर व प्रख्यात समाजसेवी प्रवीण कुमार मित्तल को भी यह सम्मान दिया जाएगा।
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रानी लक्ष्मीबाई प्रेरणा सम्मान: साहित्य और लोक संस्कृति की संवाहक पद्मश्री विद्या विंदु सिंह को 'रानी लक्ष्मीबाई प्रेरणा सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा। उनके अतिरिक्त शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए शिक्षाविद रोमा बच्चानी, शिक्षिका डॉ. अनीता मिश्रा और अभिनय जगत से जुड़ीं मनीषा मेहरा को भी इस सम्मान से नवाजा जाएगा।
लक्ष्मण जी पर पहली बार 'दास्तानगोई' और 50 कलाकारों का महा-नाटक
यह फेस्टिवल लखनऊ के इतिहास में कई मायनों में पहली बार होने वाले सांस्कृतिक प्रयोगों का गवाह बनेगा:
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लक्ष्मणगाथा (दास्तानगोई): लखनऊ शहर को बसाने वाले पौराणिक चरित्र लक्ष्मण जी के जीवन पर आधारित पहली बार एक म्यूजिकल दास्तानगोई पेश की जाएगी। इसे मशहूर किस्सागो अरशाना अजमत और आरजे प्रतीक अपनी आवाज से जीवंत करेंगे।
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कान्हा से द्वारिकाधीश (महा-नाटक): शाम का मुख्य आकर्षण संगीत नाटक अकादमी (SNA) अवॉर्डी अमित दीक्षित 'रामजी' द्वारा लिखित व निर्देशित नाटक 'कान्हा से द्वारिकाधीश' होगा। मंच पर 50 से अधिक रंगकर्मी एक साथ उतरकर इस पौराणिक गाथा को भव्यता प्रदान करेंगे।
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बुद्ध पर नृत्य नाटिका: भगवान गौतम बुद्ध के शांति संदेश और जीवन दर्शन पर आधारित एक संगीतमय नृत्य नाटिका का मंचन प्रख्यात कथक गुरु डाॅ. उपासना दीक्षित के निर्देशन में कलाकारों द्वारा किया जाएगा।
बच्चों के लिए क्ले मॉडलिंग और पेंटिंग प्रतियोगिता
सांस्कृतिक संध्या से पूर्व, दोपहर 2:00 बजे से 6 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक विशेष पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग (मिट्टी की कलाकृतियां बनाना) प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला की खास बात यह है कि इसमें 'राज्य ललित कला अकादमी' के पेशेवर प्रशिक्षक बच्चों को कला की बारीकियां सिखाएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को उनकी रचनात्मकता के लिए प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह होंगे मुख्य अतिथि
इस भव्य महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उपस्थित रहेंगे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) के अध्यक्ष रतिशंकर त्रिपाठी, राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा, केंद्रीय ललित कला अकादमी के सचिव देवेंद्र त्रिपाठी और बिरजू महाराज कथक संस्थान की अध्यक्ष कुमकुम धर सहित राजधानी की कई गणमान्य साहित्यिक और राजनीतिक विभूतियां मौजूद रहेंगी।

