‘विश्व दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी दिवस’ पर इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स में व्याख्यान आयोजित
लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय)। द The Institution of Engineers (India) के उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ द्वारा रिवर बैंक कॉलोनी स्थित केंद्र परिसर में ‘विश्व दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी दिवस’ के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “डिजिटल लाइफलाइन्स : स्ट्रेंथनिंग रेज़िलिएंस इन अ कनेक्टेड वर्ल्ड” रही।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Babu Banarasi Das Northern India Institute of Technology के असिस्टेंट प्रोफेसर मयूर श्रीवास्तव ने डिजिटल कनेक्टिविटी और सूचना प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल नेटवर्क शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और उद्योगों की जीवनरेखा बन चुके हैं तथा आपदा और संकट के समय इनकी उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।
उन्होंने साइबर सुरक्षा और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, स्मार्ट नेटवर्किंग और उन्नत डिजिटल अवसंरचना जैसी तकनीकें भविष्य में वैश्विक तकनीकी विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा तय करेंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, पूर्व चेयरमैन, आईईआई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल तकनीकों का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से समाज और राष्ट्र को नई दिशा प्रदान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी ऐसे तकनीकी एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान मानद सचिव एवं संयोजक इंजी. नरेंद्र कुमार निषाद ने मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत करते हुए उनके शैक्षणिक एवं तकनीकी योगदान की जानकारी दी। अंत में उन्होंने सभी अभियंताओं, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इंजी. जी.पी. सिंह, डॉ. आर.के. गुप्ता, डॉ. एस.के. अग्रवाल, बंसल इंस्टिट्यूट के निदेशक इंजी. गोयल, इंजी. ओ.पी. श्रीवास्तव सहित कई विशेषज्ञ, अभियंता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
