म.एल.के.पी.जी. कॉलेज में अन्तरसंकाय विनिमय कार्यक्रम के तहत व्यक्तित्व अवधारणा पर व्याख्यान आयोजित
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। मुख्य वक्ता एवं मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. स्वदेश भट्ट ने बुद्धि की प्रकृति और उसके मापन के लिए प्रयुक्त विभिन्न परीक्षणों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि बुद्धि का अस्तित्व है, तो उसका वैज्ञानिक तरीके से आकलन संभव है।

राजर्षि त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में अंतरमुखी और बहिर्मुखी दोनों प्रकार के व्यक्तित्वों को समाज के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम संयोजक प्रो. एस.पी. मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान बीएड छात्राओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में डॉ. राम रहीस ने सभी उपस्थित जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. के.के. मिश्र, डॉ. मिथिलेश मिश्रा और डॉ. शुभम भी उपस्थित रहे।
