जयपुरिया स्कूल गोयल कैंपस में "लेट्स डीकोड द पीरियड पेन" कार्यशाला: डॉ. पूजा गुप्ता ने छात्राओं को एंडोमेट्रियोसिस और मासिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

"Let's Decode the Period Pain" Workshop at Jaipuria School, Goyal Campus: Dr. Pooja Gupta Raises Awareness Among Students Regarding Endometriosis and Menstrual Health
 
जयपुरिया स्कूल गोयल कैंपस में "लेट्स डीकोड द पीरियड पेन" कार्यशाला: डॉ. पूजा गुप्ता ने छात्राओं को एंडोमेट्रियोसिस और मासिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
लखनऊ | 18 अप्रैल 2026: महिलाओं के स्वास्थ्य और मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, गोयल कैंपस में एक विशेष स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। "लेट्स डीकोड द पीरियड पेन" शीर्षक वाली इस कार्यशाला का मुख्य फोकस 'एंडोमेट्रियोसिस' जैसी गंभीर स्थिति और किशोरियों के मासिक स्वास्थ्य पर रहा।

विशेषज्ञ द्वारा वैज्ञानिक जानकारी

स्कूल के 'सृजन हॉल' में आयोजित इस सत्र का नेतृत्व वरिष्ठ फर्टिलिटी एवं आईवीएफ विशेषज्ञ (IVF Specialist) डॉ. पूजा गुप्ता ने किया। उन्होंने कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को मासिक चक्र (Menstrual Cycle) के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. गुप्ता ने जटिल जैविक प्रक्रियाओं को बेहद सरल और सहज तरीके से समझाया, ताकि छात्राएं अपने शरीर में होने वाले परिवर्तनों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझ सकें।

एंडोमेट्रियोसिस: लक्षण और उपचार

कार्यशाला का एक बड़ा हिस्सा एंडोमेट्रियोसिस पर केंद्रित रहा। डॉ. पूजा गुप्ता ने इस बीमारी के लक्षणों, इसके पीछे के कारणों और चिकित्सा जगत में उपलब्ध नवीनतम उपचार विकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को बताया कि अत्यधिक 'पीरियड पेन' को सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह एंडोमेट्रियोसिस का संकेत हो सकता है।

मिथकों का खंडन और प्रारंभिक निदान

डॉ. गुप्ता ने मासिक धर्म से जुड़े समाज में व्याप्त आम मिथकों और भ्रांतियों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर तोड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि:

  • प्रारंभिक निदान (Early Diagnosis): किसी भी स्वास्थ्य समस्या को शुरुआत में पहचानना इलाज के लिए बेहद ज़रूरी है।

  • उचित देखभाल: किशोरावस्था में सही पोषण और मासिक स्वच्छता (Hygiene) का विशेष महत्व है।

इंटरैक्टिव सत्र और संवाद

कार्यशाला का अंतिम सत्र काफी प्रभावशाली रहा, जहाँ छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी सत्र के दौरान छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाएं और प्रश्न डॉ. गुप्ता के सामने रखे, जिनका उन्होंने विस्तार से समाधान किया। इससे छात्राओं को मासिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई उलझनों पर स्पष्टता प्राप्त हुई।

प्रधानाचार्या का संबोधन

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती डॉ. रीना पाठक उपस्थित रहीं। उन्होंने डॉ. पूजा गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्राओं के आत्मविश्वास और शारीरिक जागरूकता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सत्र का समापन डॉ. रीना पाठक द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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